
ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले तेल जहाजों पर क्रिप्टो में टैक्स मांगा
ईरान ने अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर भारी टोल टैक्स वसूलने की योजना बनाई है। इसके तहत हर एक बैरल कच्चे तेल पर एक डॉलर का भुगतान करना होगा।
ईरान अब होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों से प्रति बैरल 1 डॉलर का ट्रांजिट शुल्क मांग रहा है। खास बात यह है कि यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में करने को कहा जा रहा है, ताकि प्रतिबंधों और ट्रैकिंग से बचा जा सके।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान का क्रिप्टो सेक्टर तेजी से बढ़कर करीब 7.8 अरब डॉलर का हो गया है। इसमें से आधे से ज्यादा गतिविधियां ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उससे जुड़े समूहों द्वारा की जा रही हैं, जिनका इस्तेमाल व्यापार, हथियारों और अन्य सामान की फंडिंग के लिए होता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के सेंट्रल बैंक ने 507 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसीभी हासिल की है।
यह कदम दिखाता है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर पड़ सकता है।
ईरान की इस नई योजना के मुताबिक, तेल के हर एक बैरल पर एक डॉलर का टोल वसूला जाएगा। यह रकम सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन जब लाखों बैरल तेल एक साथ निकलता है, तो यह करोड़ों डॉलर में तब्दील हो जाती है। हालांकि, राहत की बात सिर्फ इतनी है कि खाली टैंकरों को बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी टैक्स के वहां से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन तेल से लदे जहाजों के लिए अब यह रास्ता बेहद महंगा साबित होने वाला है।

