
असम: मस्जिद कमेटियों का फैसला, नहीं होगी गाय की कुर्बानी
असम की मस्जिद समितियों ने आगामी बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण बताया।
असम के कई जिलों में मस्जिद समितियों ने घोषणा की है कि आगामी 28 मई को आने वाली बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे स्वैच्छिक निर्णय बताया है, जो बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है।
होजाई, धुबरी, बोंगाईगांव, कछार (लाठिग्राम) और उदारबंद सहित कई अन्य जिलों की ईदगाह और कब्रिस्तान प्रबंधन समितियों ने यह निर्णय लिया है। गैर-मुस्लिम (सनातन) समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे और सामाजिक भाईचारा बना रहे, इसलिए गाय की जगह अन्य जानवरों की कुर्बानी देने की अपील की गई है।
समितियों ने अपने बयानों में स्पष्ट किया है कि इस्लाम में गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं है और वे राज्य के मवेशी संरक्षण कानूनों (Assam Cattle Preservation Act) का भी पूरा पालन करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले की सराहना करते हुए इसे ‘साम्प्रदायिक सद्भाव’ के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया है

