
दिन हो या रात, जब आवश्यकता हो तब मिलेगी सूरज की रोशनी
अंतरिक्ष में मौजूद ये विशाल दर्पण सूर्य की रोशनी को सटीक रूप से पृथ्वी की सतह के उन हिस्सों पर मोड़ेंगे जहाँ रोशनी की आवश्यकता है।
वैज्ञानिक अब एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जिससे पृथ्वी पर केवल जरूरत के अनुसार ही सूरज की रोशनी पहुंचेगी। अमेरिकी कंपनी ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ अंतरिक्ष में विशाल सौर दर्पण (Space Solar Mirrors) स्थापित कर रही है। यह तकनीक सूर्य की किरणों को परावर्तित कर सीधे पृथ्वी के अंधेरे या जरूरत वाले हिस्सों तक पहुंचाएगी।
अमेरिकी एजेंसी एफसीसी (FCC) ने अंतरिक्ष में विशाल दर्पण लगाकर जरूरत के मुताबिक पृथ्वी पर सूरज की रोशनी पहुंचाने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत ‘रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल’ (Reflect Orbital) कंपनी ‘ईयरेंडिल-1’ (Earendil-1) सैटेलाइट का परीक्षण करने वाली है।
अगर वैज्ञानिक इस प्रयोग में सफल होते है, तो रात में भी सोलर फार्म बिजली बना सकेंगे, आपदा प्रभावित इलाकों में रोशनी पहुंचाई जा सकेगी और कई काम बिना कृत्रिम रोशनी के किए जा सकेंगे।

