
राम मंदिर दान हेराफेरी मामले में सिंधी समाज का चंपत राय पर बड़ा आरोप
विश्व सिंधी सेवा संगम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट डॉ. राजू मनवानी का बड़ा दावा- "आज तक नहीं मिली कोई रसीद, न समारोह में बुलाया; चंदा चोरी के खुलासे के बाद सिंधी समाज में भारी आक्रोश"
अयोध्या राम मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी और ‘चंदा चोरी’ के विवादों के बीच अब एक नया और बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुनियाभर के सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले विश्व सिंधी सेवा संगम (VSSS) के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट डॉ. राजू मनवानी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बंसल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. मनवानी का दावा है कि जनवरी 2021 में देश और विदेश के सिंधी समाज ने मिलकर करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की 200 किलोग्राम चांदी (1-1 किलो की 200 ईंटें) अयोध्या पहुंचकर चंपत राय को सौंपी थीं, लेकिन आज तक उस दान का कोई अता-पता नहीं है और न ही सिंधी समाज को इसकी कोई रसीद दी गई है। इस खुलासे के बाद सिंधी समाज बेहद आहत है
डॉ. मनवानी ने बताया कि राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए सिंधी समाज ने एक व्यापक वैश्विक अभियान (कैंपेन) चलाया था। इसमें न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि विदेशों में रहने वाले प्रवासी सिंधी समुदाय के लोगों ने भी अपनी गाढ़ी कमाई से बड़ा योगदान दिया था। उन्होंने कहा, ‘जब हम मीडिया के माध्यम से सुनते हैं कि राम मंदिर के दान में गलत इस्तेमाल या धोखाधड़ी हुई है, तो दिल को बहुत ठेस पहुंचती है। यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। चूंकि मैंने खुद सिंधी समुदाय के लिए इस पूरे अभियान का नेतृत्व किया था, इसलिए अब दुनिया भर से दान देने वाले लोग मुझे फोन कर रहे हैं और मुझसे जवाब मांग रहे हैं
भले ही सिंधी समाज इस रवैये से बेहद नाराज और ठगा हुआ महसूस कर रहा है, लेकिन उन्हें देश की न्याय व्यवस्था और सरकार पर पूरा भरोसा है। डॉ. राजू मनवानी ने स्पष्ट किया, ‘इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। हमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे। सच हर हाल में सामने आएगा और भगवान राम के नाम पर इस तरह की हेराफेरी करने वाले जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी। हम सभी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।’

