अयोध्या में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पुलिस ने सोमवार को सुरक्षा कारणों से 240 फुट ऊंचे रावण और 190 फुट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया

अयोध्या में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके पीछे पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है. आयोजकों के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने रावण का 240 फीट, मेघनाद और कुंभकर्ण के 190 फीट ऊँचे पुतलों का निर्माण पूरा किया था.
कार्यक्रम अयोध्या की फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति की ओर से आयोजित किया जा रहा था. अयोध्या के सीओ देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया. आयोजन समिति ने अभी तक अनुमति नहीं ली थी. जब पुलिस गश्त के दौरान पुतलों का निर्माण देखा गया, तो कार्रवाई की गई. उन्होंने यह भी कहा कि फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति का रावण जलाने का कार्यक्रम पारंपरिक नहीं है.
वहीं फ़िल्म कलाकर रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने रावण और अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया था, जिस पर जलाने से तीन दिन पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया.
फिल्म कलाकार रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि रावण व अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया है, जिनपर दहन से तीन दिन पहले प्रतिबंध लगा दिया गया। ऐसे में हजारों रुपये खर्च से तैयार तीनों पुतले बेकार चले जाएंगे। दशहरा में तैयार किए गए रावण का दहन ना होना अशुभ माना जाता है। उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी से अयोध्या में कहीं भी 240 फीट के बने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के दहन करने की मांग की है।

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