
ईरान से बातचीत करने से पहले अमेरिका ने रखी शर्त
तेहरान को यह स्पष्ट करना होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा और ईरानी सेना वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमला नहीं करेगी।
ईरान से बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका ने शर्त रखी है कि ईरान को एक सार्वजनिक बयान जारी करना होगा। इसके तहत तेहरान को यह स्पष्ट करना होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी के लिए खुला रहेगा और ईरानी सेना वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमला नहीं करेगी।
अमेरिका का कहना है कि यह शर्त किसी भी अंतिम या स्थायी समझौते (Peace Deal) का अनिवार्य हिस्सा है। हाल ही में अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों को “आतंकवाद” करार दिया है और कतर-ओमान जैसे मध्यस्थों के जरिए ईरान पर इस सार्वजनिक बयान को जारी करने का दबाव बनाया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि उनका देश किसी भी कीमत पर अमेरिका के सामने सरेंडर नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका दोनों देशों के बीच हुए समझौते से पीछे हटता है, तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है।
गालिबाफ ने कहा, “हमने अपने देश की रक्षा की तैयारी कभी नहीं रोकी। अगर अमेरिका समझौते से मुकरता है, तो हम पूरी क्षमता के साथ जवाब देंगे।”
इन सबके बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक चर्चाएं चल रही हों, लेकिन दोनों देशों के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) अब खत्म हो चुका है।क्या

