
गोरखनाथ ओवरब्रिज के लिए रेलवे से ब्लॉक का इंतजार: कमिश्नर-डीएम ने किया निरीक्षण, 15 नवंबर तक निर्माण पूरा करने के निर्देश
गोरखनाथ रोड पर बन रहे दूसरे रेल ओवरब्रिज का काम अब आखिरी दौर में है। रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर लगाने के लिए ब्लॉक का इंतजार है। त्योहारों के चलते रेलवे फिलहाल रोज 2 घंटे का ही ब्लॉक दे रहा है। कमिश्नर अनिल ढींगरा और डीएम दीपक मीणा ने निरीक्षण कर 15 नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। 127 करोड़ की लागत से बन रहा 600 मीटर लंबा पुल गोरखनाथ क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या को दूर करेगा।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर। गोरखनाथ रोड पर बन रहा दूसरा रेल ओवरब्रिज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिलहाल रेलवे लाइन के ऊपर का काम बाकी है, जिसके लिए गोरखपुर जंक्शन–डोमिनगढ़ सेक्शन में ब्लॉक लेने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे से इस संबंध में बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द निर्णय लिया जाएगा।
रेलवे ब्लॉक बना बाधा
सेतु निगम निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है, लेकिन त्योहारी सीजन के चलते रेलवे फिलहाल प्रति दिन सिर्फ 2 से 3 घंटे का ब्लॉक देने को तैयार है। प्रशासनिक अधिकारी इस समय सीमा को बढ़ाने की कोशिश में हैं ताकि रेलवे लाइन के ऊपर का कार्य तेजी से पूरा किया जा सके।
कमिश्नर-डीएम ने किया निरीक्षण
शनिवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा और डीएम दीपक कुमार मीणा ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 नवंबर तक किसी भी हालत में काम पूरा होना चाहिए।
सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे लाइन के ऊपर काम की अनुमति मिल चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। रेल लाइन पर काम भी सेतु निगम की टीम ही करेगी।
गर्डर लॉन्चिंग की योजना पर रेलवे की सहमति
सेतु निगम की ओर से रेलवे लाइन के ऊपर गर्डर लॉन्च करने की योजना रेलवे को भेजी गई थी। रेलवे ने इस योजना का सुरक्षा और संरक्षा के लिहाज से परीक्षण कर लिया है। रेलवे इंजीनियरों ने मौके का निरीक्षण भी पूरा कर लिया है।
जल्द ही रेलवे और सेतु निगम के इंजीनियर मिलकर गर्डर लॉन्च करने की रूपरेखा तैयार करेंगे।
ब्लॉक पर जल्द होगा फैसला
जिस रेल लाइन के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है, वह लखनऊ और दिल्ली को सीधे जोड़ती है। इस रूट पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव रहता है।
दीपावली और छठ पर्व के मद्देनजर रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी है, जिसके चलते फिलहाल रेलवे रोजाना सिर्फ 2 घंटे का ब्लॉक देने को तैयार है।
हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी रेलवे के उच्चाधिकारियों से संपर्क में हैं ताकि ब्लॉक का समय बढ़ाया जा सके और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा हो सके।
सूत्रों के अनुसार, यदि प्रतिदिन 2 घंटे का ब्लॉक ही मिला तो रेलवे लाइन के ऊपर का काम लगभग एक महीने में पूरा होगा।
ओवरब्रिज की विशेषताएं
लंबाई: 600 मीटर
चौड़ाई: 7.5 मीटर
लागत: लगभग ₹127.87 करोड़
निर्माण प्रारंभ: 14 फरवरी 2023
लक्ष्य पूर्णता: प्रारंभिक लक्ष्य अप्रैल 2025, अब नवंबर 2024 तक पूरा होने की उम्मीद
स्थान: पुराने पुल के समानांतर निर्माण, जो वर्ष 1980 में बना था।
नया ओवरब्रिज तैयार होने के बाद गोरखनाथ क्षेत्र में यातायात सुगम हो जाएगा। पुल के दोनों किनारों पर ऊंची रेलिंग और साउंड बैरियर लगाए जा रहे हैं ताकि सुरक्षा और शोर नियंत्रण दोनों सुनिश्चित हों।

