भालोटिया मार्केट में छापा, 15 हजार कफ सिरप की बिक्री पर रोक

गोरखपुर। दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन भालोटिया मार्केट में छापा मारा। औषधि निरीक्षकों की टीम ने भालोटिया मार्केट और शिवम कांप्लेक्स स्थित तीन दवा प्रतिष्ठानों पर संदिग्ध कफ सिरप और दर्द निवारक दवाओं के नमूने लिए। साथ ही करीब 15 हजार कफ सिरप (बोतल) की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश व राजस्थान में बच्चों की हुई मौत के मामले की जांच के दौरान तीन दिन पहले लखनऊ में कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद हुई थी। पूछताछ में पता चला कि यह कफ सिरप गोरखपुर के रास्ते नेपाल और बांग्लादेश तक भेजी जा रही है। इसके बाद आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के विशेष निर्देश पर भालोटिया मार्केट में कफ सिरप की जांच शुरू हुई है।
रविवार को भी दुकानों पर छापा मारकर सैंपल लिए गए थे। औषधि निरीक्षक सिद्धार्थनगर नवीन कुमार और कुशीनगर के दीपक कुमार पांडेय ने कृष्णा कांप्लेक्स भालोटिया मार्केट स्थित तुलस्यान ट्रेडर्स और तुलस्यान फॉर्मास्युटिकल्स की दुकान व गोदाम की जांच की। इस दुकान में उधमसिंहनगर (उत्तराखंड) में टूलब्रश फॉर्मास्युटिकल्स की दवा फैक्टरी में तैयार 15 हजार कफ सिरप पाया गया।
कफ सिरप की कंपनी के मालिक और दवा के स्टॉकिस्ट गोरखपुर के एक ही परिवार से संबंधित हैं। टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों से कुल नौ नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
इसके बाद टीम ने भालोटिया मार्केट के खाटू श्याम फार्मा की भी जांच की। यहां ट्रामाडॉल युक्त अल्ट्राकिंग एपी नामक दर्द निवारक दवा के टेबलेट मिले। इस दर्द निवारक दवा के गलत इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए एजेंसी से इस दवा की खरीद-बिक्री का बिल और यहां से किन फुटकर दुकानदारों को दिया गया, उनकी डिटेल मांगी है। टीम ने यहां से भी बच्चों के दो कफ सिरप के नमूने विश्लेषण के लिए एकत्र किए।
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक इन दुकानों से सैंपल लिए गए कफ सिरप और दर्द निवारक दवा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। तीनों फर्मों को अभिलेख में भी गड़बड़ी मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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