उपभोक्ता परिषद का दावा स्मार्ट मीटर से घटने के बजाय बिजली का बिल बढ़ा

यूपी के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद से उनकी बिजली की खपत बढ़ गई है। हालांकि, उनका खर्च कम हो जाना चाहिए क्योंकि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बिजली में दो प्रतिशत की रियायत दी जाती है।

उत्तर प्रदेश में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दावा किया है कि उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद से उनकी बिजली की खपत बढ़ गई है। हालांकि, उनका खर्च कम हो जाना चाहिए क्योंकि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बिजली में दो प्रतिशत की रियायत दी जाती है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन से मांग की है कि वह बीते साल के महीनों में उपभोक्ताओं के कुल खर्च का आंकड़ा जारी करे जब उनके घरों में पोस्टपेड मीटर लगे थे और उन्हीं महीनों में इस साल का आंकड़ा जब उनके यहां प्रीपेड मीटर लग गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 अक्तूबर तक 44.37 लाख उपभोक्ताओं के यहां लगे पोस्टपेड मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदला जा चुका है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि इन मीटरों के लगने के बाद उनकी बिजली खपत बढ़ गई है।
उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं उनके सितंबर-अक्तूबर के 2024 और 2025 के बिल का आंकड़ा जारी किया जाए। अगर इसमें इजाफा है तो साफ है कि मीटर सही काम नहीं कर रहे और उनकी जांच राष्ट्रीय लैब से करवाई जाए।

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