
जौहर यूनिवर्सिटी को गिराए जाने पर अंतरिम रोक
रामपुर विकास प्राधिकरण के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है।
रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों को फिलहाल ध्वस्त नहीं किया जाएगा। मुरादाबाद के कमिश्नर कोर्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा जारी किए गए ध्वस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है। इस निर्णय से यूनिवर्सिटी प्रबंधन, छात्रों और कर्मचारियों को कुछ समय के लिए राहत मिली है, जो पिछले कुछ दिनों से अनिश्चितता के माहौल का सामना कर रहे थे। यह रोक, प्राधिकरण के उस फैसले के खिलाफ यूनिवर्सिटी द्वारा दायर की गई अपील पर आई है, जिसमें 40 में से 38 इमारतों को बिना सरकारी स्वीकृति के निर्मित बताया गया था।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक इस मामले की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक परिसर में किसी भी इमारत को नहीं गिराया जाएगा।
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने अपनी जांच में दावा किया था कि यूनिवर्सिटी परिसर की कुल 40 इमारतों में से 38 इमारतें बिना स्वीकृत नक्शे (Map) के बनाई गई हैं।
इस आधार पर 15 जुलाई 2026 को आरडीए ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को नोटिस देकर 15 दिनों के भीतर इन अवैध निर्माणों को खुद हटाने या बुलडोजर कार्रवाई झेलने का आदेश दिया था।
- यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जब 2006 में इस संस्थान का निर्माण शुरू हुआ था, तब वह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था, इसलिए उस समय नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।

