
कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट, ईरान जंग से ठीक पहले के स्तर पर पहुंचीं क़ीमतें
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बीच ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है. US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद यह कच्चे तेल का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है.
वैश्विक कच्चे तेल की क़ीमतें चार महीनों के दौरान अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं. गुरुवार को वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चे तेल की क़ीमत थोड़ी देर के लिए गिरकर 72.48 डॉलर प्रति बैरल हो गई.
यह वही स्तर था जो 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले से एक दिन पहले था. हालांकि बाद में क़ीमत हल्की बढ़कर 72.63 डॉलर प्रति बैरल हो गई.
दुनिया को यह बड़ी राहत बीते 17 जून को अमेरिका-ईरान के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद मिली. यह बदलाव इसलिए आया है क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है जो कच्चे तेल और गैस के वैश्विक परिवहन के लिए बेहद अहम रास्ता है.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है. हाल ही में दोनों देशों के बीच शुरुआती शांति वार्ता हुई, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान को 60 दिनों की प्रतिबंध छूट देने का फैसला किया. इस कदम को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है. इससे बाजार में यह धारणा बनी है कि क्षेत्र में बड़े सैन्य संघर्ष का खतरा फिलहाल कम हो सकता है. यही वजह है कि तेल की कीमतों में पहले से मौजूद रिस्क प्रीमियम तेजी से कम हुआ है.

