10 दिन में गैस नहीं ली तो बुकिंग होगी कैंसिल: गोरखपुर में गैस किल्लत बरकरार, हाकरों पर गड़बड़ी के आरोप।
गोरखपुर में गैस किल्लत के बीच नया नियम लागू हुआ है—बुकिंग के 10 दिन के अंदर सिलिंडर लेना जरूरी होगा, वरना बुकिंग कैंसिल हो जाएगी। पैनिक बुकिंग और डिलीवरी टालने से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। नई बुकिंग पर तुरंत डिलीवरी प्रक्रिया शुरू होगी। कई ग्राहकों ने डिलीवरी में देरी और हाकर द्वारा गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। अधिकारियों ने सलाह दी है कि सिर्फ जरूरत पर ही गैस बुक करें, ताकि सभी को समय पर सिलिंडर मिल सके।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर।
शहर में रसोई गैस की किल्लत अभी भी बनी हुई है। बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग को देखते हुए तेल कंपनियों ने गैस बुकिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई ग्राहक गैस सिलिंडर बुक करता है, तो उसे 10 दिनों के भीतर सिलिंडर लेना अनिवार्य होगा।
अगर तय समय में सिलिंडर नहीं लिया गया, तो गैस एजेंसी की सिफारिश पर कंपनी उस बुकिंग को रद्द कर देगी। इसके बाद ग्राहक को फिर से नई बुकिंग करनी पड़ेगी। हालांकि राहत यह है कि दोबारा बुकिंग पर 25 या 45 दिन का इंतजार नहीं करना होगा। नई बुकिंग करते ही ग्राहक को तुरंत डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) मिल जाएगा और डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
क्यों लागू हुआ नया नियम?
इन दिनों गैस की कमी के डर से लोग जरूरत से पहले ही सिलिंडर बुक करा रहे हैं। शहरों में जहां एक सिलिंडर के बाद 25 दिन का गैप होता है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन तय है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सिलिंडर इस समय सीमा के अंदर ही खत्म हो जाता है, लेकिन शहरों में छोटे परिवारों का सिलिंडर 25 दिन में खत्म नहीं होता। इसके बावजूद लोग समय पूरा होते ही नई बुकिंग कर देते हैं, जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है।
कैसे बढ़ रही है समस्या?
बुकिंग के 1-2 दिन के भीतर डिलीवरी बॉय सिलिंडर लेकर घर पहुंच जाता है, लेकिन कई घरों में पुराना सिलिंडर खाली नहीं होता। ऐसे में ग्राहक डिलीवरी टाल देते हैं। इससे एजेंसियों पर बैकलॉग बढ़ता जा रहा है।
वहीं कई उपभोक्ताओं का कहना है कि DAC नंबर मिलने के बाद भी कई-कई दिनों तक न तो एजेंसी की तरफ से कॉल आता है और न ही डिलीवरी होती है। ऐसे में लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। यह समस्या खासतौर पर उन घरों में ज्यादा है, जहां सिर्फ एक ही सिलिंडर कनेक्शन है।
अधिकारी की अपील
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोग घबराहट में बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन समय पर सिलिंडर नहीं ले रहे हैं, जिससे सप्लाई सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि उपभोक्ता सिर्फ जरूरत होने पर ही गैस बुक करें, ताकि सभी को समय पर सिलिंडर मिल सके।
हाकरों पर गड़बड़ी के आरोप
कई गैस उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी बॉय (हाकर) इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कम खपत वाले ग्राहकों से DAC कोड मांगते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी अन्य ग्राहक के कोड से सिलिंडर दिला देंगे।
हालांकि यह तरीका नियमों के खिलाफ है, और अब ज्यादातर उपभोक्ता ऐसे ऑफर से बच रहे हैं।

