100 करोड़ के टर्नओवर वाली फर्म का मालिक निकला पंचर बनाने वाला, 28 करोड़ GST बकाया मामले में चौंकाने वाला खुलासा
गोरखपुर में जीएसटी टीम पहुंची वसूली के लिए, कर्ज के नाम पर दस्तावेज लेकर फर्जी कंपनी बनाने का आरोप; आरोपी फरार
गोरखपुर। जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 100 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर वाली फर्म का कथित मालिक पंचर बनाने की दुकान चलाने वाला निकला। केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीम 28 करोड़ रुपये के बकाया टैक्स की जांच के लिए जब संबंधित व्यक्ति के घर पहुंची तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मामला एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव का है। यहां रहने वाले राज प्रजापति को कुछ दिन पहले केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से एक समन प्राप्त हुआ था, जिसमें उनकी फर्म पर 28 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया होने की जानकारी दी गई थी। समन में समय रहते कर जमा करने, अन्यथा कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
जांच के लिए पहुंची टीम तो सामने आई सच्चाई
शनिवार को जीएसटी विभाग की टीम राज प्रजापति के घर पहुंची और उनसे पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम पर 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली फर्म दर्ज है, वह वास्तव में पंचर बनाने की छोटी दुकान चलाता है।
यह जानकारी मिलने के बाद जीएसटी अधिकारी भी हैरान रह गए और मामले की गहन जांच शुरू की गई।
कर्ज के नाम पर लिए गए थे दस्तावेज
पूछताछ के दौरान राज प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2024 में अपनी बहन की शादी के लिए उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति से कर्ज लिया था। कर्ज देने के नाम पर उस व्यक्ति ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए थे।
राज के अनुसार, उनसे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए और एक वीडियो भी बनाया गया। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके दस्तावेजों का किस उद्देश्य से उपयोग किया जाएगा। उन्हें लगा कि यह प्रक्रिया केवल कर्ज दिलाने के लिए की जा रही है।
फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का कारोबार
जांच में सामने आया कि राज प्रजापति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर मेसर्स गढ़ प्राइवेट लिमिटेड टेक्सटाइल के नाम से एक कंपनी बनाई गई। इसी कंपनी के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया गया और उस पर 28 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया पाया गया।
जीएसटी विभाग की पड़ताल में यह भी सामने आया कि दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति फर्जी तरीके से कंपनी संचालित कर कारोबार करने के बाद कंपनी बंद कर फरार हो गया।
पुलिस में दर्ज कराया गया मुकदमा
घटना के बाद राज प्रजापति ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, जबकि जीएसटी विभाग भी आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रहा है।
फिलहाल मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।
वर्ष 2025 में विभाग को मिली थी जानकारी
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में जीएसटी विभाग को पता चला था कि गोरखपुर की एक फर्म का लगभग 100 करोड़ रुपये का टर्नओवर है और उस पर 28 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया है। इसके बाद विभाग ने फर्म के मालिक के नाम समन जारी किया था।
जब विभाग को कोई जवाब नहीं मिला तो टीम जांच के लिए संबंधित पते पर पहुंची, जहां पूरा मामला सामने आया।
पुलिस और जीएसटी विभाग की जांच जारी
एम्स थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वहीं जीएसटी विभाग भी दस्तावेजों के दुरुपयोग और फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये के कारोबार के मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

