
गोरखपुर में 23 जुलाई को होगा पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण, 429.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जुलाई सुबह गोरखपुर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। 429.49 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 2.658 किमी लंबा फ्लाईओवर ट्रांसपोर्टनगर-पैडलेगंज मार्ग पर जाम कम करेगा और लखनऊ, देवरिया, बिहार व नेपाल की ओर आवागमन को तेज व सुगम बनाएगा। पहले लोकार्पण 22 जुलाई को होना था। लोकार्पण के बाद फ्लाईओवर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर
गोरखपुर के बहुप्रतीक्षित पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण अब 23 जुलाई को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। पहले इसका उद्घाटन 22 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन अब कार्यक्रम में बदलाव कर नई तारीख तय की गई है। मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद फ्लाईओवर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री फ्लाईओवर का करेंगे निरीक्षण
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सिक्सलेन फ्लाईओवर से होकर ट्रांसपोर्टनगर तक जाएंगे और फिर उसी मार्ग से लौटते हुए देवरिया बाईपास फ्लाईओवर के रास्ते जनसभा स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के फ्लाईओवर पर सेल्फी लेने की भी संभावना जताई जा रही है।
429.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ फ्लाईओवर
गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। शहर की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्टनगर-पैडलेगंज मार्ग पर इसका निर्माण कराया गया है।
करीब 2.658 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के निर्माण पर 429 करोड़ 49 लाख 39 हजार रुपये की लागत आई है।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टनगर चौराहे से देवरिया बाईपास तिराहे होते हुए पैडलेगंज तक सिक्सलेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास रोड को जोड़ने वाले अतिरिक्त फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब मुख्यमंत्री के हाथों इसके लोकार्पण की तैयारी अंतिम चरण में है।
कई जिलों और नेपाल-बिहार को जोड़ने वाला अहम मार्ग
लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और वाराणसी/प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से आने वाले अधिकांश वाहन नौसढ़ चौराहे के रास्ते गोरखपुर शहर में प्रवेश करते हैं। यहां से ट्रांसपोर्टनगर, रुस्तमपुर, देवरिया बाईपास और पैडलेगंज होते हुए यह मार्ग सिद्धार्थनगर, महराजगंज, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर और बिहार की ओर जाता है।
नौसढ़ तिराहे से पैडलेगंज तक का मार्ग अब सिक्सलेन में विकसित किया गया है। ट्रांसपोर्टनगर, महेवा फलमंडी, रुस्तमपुर ढाला समेत घनी आबादी और बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण इस मार्ग पर लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता था।
रुस्तमपुर चौराहे से पैडलेगंज के बीच देवरिया और बिहार जाने के लिए पहले से फोरलेन बाईपास मौजूद है, जो तारामंडल, चिड़ियाघर और सहारा एस्टेट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरता है।
ट्रैफिक दबाव को देखते हुए लिया गया था फ्लाईओवर बनाने का फैसला
शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिक्सलेन फ्लाईओवर के निर्माण के निर्देश दिए थे।
परियोजना के तहत ट्रांसपोर्टनगर से पैडलेगंज तक सिक्सलेन फ्लाईओवर बनाया गया है। साथ ही ट्रांसपोर्टनगर और पैडलेगंज के बीच देवरिया बाईपास पर फोरलेन फ्लाईओवर का भी निर्माण किया गया है, जिससे विभिन्न दिशाओं से आने वाले यातायात का दबाव कम होगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद इस मार्ग पर प्रतिदिन लगने वाले भारी जाम से स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा यातायात अधिक सुगम होगा।
लोकार्पण से पहले अंतिम तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए उत्तर प्रदेश सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
सेतु निगम ने फ्लाईओवर के ऊपर बनाई गई तीनों रोटरी का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। वर्तमान में उनमें बालू भरने का काम चल रहा है। सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन रोटरी का निर्माण किया गया है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग फ्लाईओवर के नीचे देवरिया बाईपास और गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क को दुरुस्त करने में जुटा है। बाईपास पर नाले का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। इसके अलावा फ्लाईओवर के शेष पिलरों पर चित्रकारी का कार्य भी अंतिम चरण में है।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
- लोकार्पण: 23 जुलाई 2026, सुबह 10 बजे
- कुल लागत: 429 करोड़ 49 लाख 39 हजार रुपये
- कुल लंबाई: 2.658 किलोमीटर
- निर्माण कार्य प्रारंभ: फरवरी 2023
- निर्माण कार्य पूर्ण: जून 2026
- लोकार्पण के बाद फ्लाईओवर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

