होर्मुज जलडमरूमध्य: सुरक्षित आवाजाही के लिए साथ आए ब्रिटेन, जर्मनी समेत छह देश

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है। इन देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात भी कही है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे के दौरान इन देशों ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए सुरक्षित समुद्री रास्ता सुनिश्चित करने की कोशिशों में अपना सहयोग देने के लिए तैयार हैं। छह पश्चिमी सहयोगी देशों के संयुक्त बयान में कहा कि हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं, जो इस दिशा में काम करने की तैयारी कर रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में रुकावट और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक अहम सिद्धांत है और ईरान की कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो सहित अन्य देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने में मदद करें।
ईरान पर अमरीका और इस्राएल के हमलों से तेल और गैस केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।

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