कम टै्स वसूली पर नगर आयुक्त सख्त, बड़े बकाएदारों के घर पहुंचेगी टीम

आयाम स्वरूप, गोरखपुर 

गोरखपुर नगर निगम में सोमवार को संपत्ति कर विभाग की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त ने की, जिसमें विभिन्न जोनों में शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम टैक्स वसूली और कम संपत्ति पंजीकरण पर नाराजगी जताई गई।

नगर आयुक्त ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों, कर अधीक्षकों और जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार हर हाल में राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए।

45 दिन में निपटाने होंगे नामांतरण के मामले

बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने लंबित नामांतरण मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनहित गारंटी अधिनियम के तहत नामांतरण की प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बड़े बकाएदारों से व्यक्तिगत संपर्क के निर्देश

नगर आयुक्त ने सभी राजस्व वसूलीकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 10 लाख रुपये से अधिक बकाया रखने वाले बड़े करदाताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें और बकाया संपत्ति कर की वसूली सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भवन स्वामी या अध्यासी को संपत्ति कर के बिल को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसका समाधान सक्षम स्तर पर तत्काल कराया जाए।

सर्वे डेटा तीन दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश

बैठक में मेसर्स लॉजीकूफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को भी निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी द्वारा पांच वार्डों में किए गए संपत्तियों के सर्वे का पूरा डेटा आवासीय और अनावासीय श्रेणी के अनुसार तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, रवि कुमार सिंह और सुरेंद्र प्रताप सहित कर निर्धारण अधिकारी अनुष्का सिंह, सभी कर अधीक्षक, कंप्यूटर प्रोग्रामर और राजस्व वसूलीकर्ता मौजूद रहे।

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