
नेपाल में भारतीय वाहनों पर कस्टम लागू
यदि आप 24 घंटे से ज्यादा रुकते हैं या सीमावर्ती क्षेत्र से आगे की यात्रा करते हैं, तो भंसार (कस्टम ऑफिस) से परमिट लेना अनिवार्य है।
नेपाल ने भारतीय वाहनों (बाइक/कार) के प्रवेश पर भंसार (कस्टम ड्यूटी) और नियम सख्त कर दिए हैं। अब सीमावर्ती क्षेत्र से आगे जाने या रात रुकने पर दैनिक शुल्क (बाइक के लिए ₹150-200, कार के लिए ₹500-600 लगभग) और परमिट अनिवार्य है। बिना वैध परमिट के गाड़ी मिलने पर उसे जब्त किया जा सकता है।
भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नेपाल में भंसार अनिवार्य करने के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सर्लाही जिले के मलंगवा के माध्यम से नेपाल सरकार के गृहमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत और नेपाल के बीच केवल एक अंतरराष्ट्रीय सीमा ही नहीं, बल्कि सदियों पुराना धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ता भी जुड़ा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच विवाह, व्यापार और दैनिक आवागमन हमेशा से सहज और निर्बाध रहा है।
विशेष रूप से विवाह के दौरान भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहन दहेज के रूप में मिलने की परंपरा का भी जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे वाहनों का सीमित क्षेत्र में उपयोग लंबे समय से होता आया है, जिस पर कभी कोई विवाद नहीं रहा। नए प्रतिबंध के कारण न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि आपसी संबंधों में भी कड़वाहट आने की आशंका बढ़ गई है।

