
लेबनान में हर 24 घंटे में 11 बच्चे हमलों का शिकार
लेबनान में जारी हमलों के कारण हर 24 घंटे में औसतन 11 बच्चे हताहत (मारे या घायल) हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्टों के अनुसार, विशेष रूप से दक्षिण लेबनान में हवाई हमलों के कारण मासूमों पर इसका सबसे घातक प्रभाव पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की बच्चों से जुड़ी एजेंसी यूनिसेफ ने कहा है कि पिछले एक हफ्ते में लेबनान में औसतन हर 24 घंटे में 11 बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। युद्धविराम के बावजूद इजराइल ने देशभर में हमले तेज कर दिए हैं।
यूनिसेफ ने लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले 7 दिनों में 77 बच्चे हमलों का शिकार हुए हैं। वहीं, रॉयटर्स के मुताबिक 16 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम के बाद से अब तक 55 बच्चों की मौत और 212 बच्चों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
यूनिसेफ के प्रवक्ता रिकार्डो पायर्स ने सभी पक्षों से युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत बच्चों और नागरिक ढांचे की सुरक्षा जरूरी है।”
इन हिंसक हमलों के चलते बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित हो चुके हैं। हमलों का बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर अत्यंत गहरा और गंभीर प्रभाव पड़ा है। मानवीय संगठनों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों—विशेष रूप से दक्षिण लेबनान—में बच्चों और ज़रूरतमंदों तक जीवन रक्षक सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित और निर्बाध पहुंच की लगातार मांग की जा रही है।
