
दिशा बैठक में फर्जी रिपोर्ट पर भड़के सांसद-विधायक बोले- गांवों में टूटी पाइपलाइनें, फिर कैसे पूरी बता रहे योजनाएं?
गोरखपुर की दिशा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने टूटी पाइपलाइन, अधूरे विकास कार्य, बिजली, सड़क और बाढ़ सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को घेरा। हर घर नल योजना की प्रगति रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए विधायकों ने फर्जी आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने नाराजगी जताते हुए सही रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक में अस्पताल, पुल, अंडरपास, आयुष्मान कार्ड और बिजली जैसी समस्याओं पर भी जवाब मांगा गया।
दिशा समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर उठे सवाल
गोरखपुर में आयोजित जिला विकास एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में सांसदों और विधायकों ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों से तीखे सवाल किए। बाढ़ सुरक्षा, सड़क, पुल, अंडरपास, बिजली और हर घर नल योजना सहित कई मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने की।
उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि फर्जी या गलत प्रगति रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। पिछली बैठक में उठे अधिकांश मुद्दे इस बार भी सामने आए हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सही रिपोर्ट तैयार करने और उसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हर घर नल योजना की रिपोर्ट पर विधायक ने जताई आपत्ति
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हर घर नल योजना के तहत 12,731 कार्ययोजनाओं में से 12,599 पूरी कर ली गई हैं। इस पर पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि कई गांवों में पाइपलाइनें टूटी हुई हैं और उनके विधानसभा क्षेत्र की 16 परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब जमीनी हकीकत अलग है तो ऐसी रिपोर्ट कैसे तैयार की जा रही है। अन्य विधायकों ने भी उनकी बात का समर्थन किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- अब लापरवाही नहीं चलेगी
केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट दी जाए और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए।
उन्होंने सांसद खेल महोत्सव की पिछली तैयारियों पर भी असंतोष जताते हुए कहा कि इस बार पहले से बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जाए।
सांसद रवि किशन ने उठाए विकास परियोजनाओं के मुद्दे
सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि दिशा बैठक केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर शहर में एक्सटेंशन सेंटर की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल चुकी है, लेकिन अब तक इसके लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए 10 हजार वर्गफुट भूमि की आवश्यकता है। सांसद ने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव से इस दिशा में पहल करने का अनुरोध किया।
सुरगहना घाट पुल और अटल जी की प्रतिमा का मुद्दा भी उठा
सांसद रवि किशन ने पाली ब्लॉक के सुरगहना घाट पर निर्माणाधीन पुल की प्रगति पर भी सवाल उठाया। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि जुलाई तक एप्रोच रोड का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद पुल यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग दोहराई और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसकी सहमति दे चुके हैं। अब स्थान तय किया जाना बाकी है।
छह वर्षों से अस्पताल परियोजनाओं की रिपोर्ट का इंतजार
सांसद रवि किशन ने कैंपियरगंज और सहजनवा में प्रस्तावित 200-200 बेड के अस्पतालों की प्रगति रिपोर्ट न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि वह पिछले छह वर्षों में 10 से अधिक पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसे उन्होंने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल बताया।
बाढ़ से पहले तैयारी के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान न हो।
एनएचएआई की धीमी रफ्तार पर विधायक ने जताई नाराजगी
गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने सिक्टौर में प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाया। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का सर्वे कार्य चल रहा है।
इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि इसी गति से काम होता रहा तो विधानसभा चुनाव भी बीत जाएगा। जनता को जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
आयुष्मान कार्ड के नियमों पर सांसद ने उठाया सवाल
संतकबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत निषाद ने खजनी क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड न बनने की शिकायतों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जा रहा है कि छह से कम सदस्यों वाले परिवारों का कार्ड नहीं बन सकता। सांसद ने सवाल किया कि जब सरकार “हम दो, हमारे दो” की बात करती है तो फिर कम सदस्यों वाले परिवारों को योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
उन्होंने तेनुआ टोल प्लाजा के पास अंडरपास में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जांच कर समाधान का आश्वासन दिया।
तीन साल से खंभे लगे, लेकिन गांव में बिजली नहीं
बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने भस्मा गांव में बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया।
उन्होंने बताया कि करीब 250 आबादी वाले गांव में तीन वर्ष पहले बिजली के खंभे लगा दिए गए थे, लेकिन अब तक तार नहीं खींचे गए हैं और गांव बिजली से वंचित है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर बिजली कब पहुंचेगी। इस पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति रिपोर्ट पर भी सवाल
चौरीचौरा विधायक सरवन निषाद ने ब्रह्मपुर और सरदारनगर ब्लॉक में प्रस्तावित 24 डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति रिपोर्ट न मिलने पर नाराजगी जताई।
डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने कहा कि वह हाल ही में पदभार संभाले हैं और जानकारी जुटाकर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। विधायक ने मोतीराम अड्डा रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव भेजने की मांग भी रखी।
88 प्रतिशत मकानों की गणना पूरी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनगणना कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों के 51.45 लाख और शहरी क्षेत्रों के 13.65 लाख मकानों की गणना की जानी थी।
उन्होंने बताया कि अब तक 88 प्रतिशत मकानों की गणना पूरी हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे लोगों को प्रोत्साहित करें ताकि जिन घरों की गणना अभी नहीं हुई है, वे संबंधित प्रगणकों से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करवा सकें।
बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
दिशा समिति की बैठक में जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, सांसद, विधायक और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति, अधूरी परियोजनाओं और जमीनी हकीकत से अलग रिपोर्टिंग को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए, जिन पर अधिकारियों को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

