
संसद में आज ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
लोकसभा में आज, 9 मार्च को स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। कांग्रेस के तीन सदस्य यह नोटिस पेश करेंगे। विपक्ष का आरोप है कि बिरला ने विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया।
संसद के बजट सत्र का आज दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है. इस दौरान सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है. लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण में ही नोटिस दिया था, जिस पर 118 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं. उस वक्त इस नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किया था, लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि वे विपक्ष के लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे.
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नियम ये है कि दो सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए, 14 दिन का नोटिस देना होगा और सदन में 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के इस मामले में कांग्रेस के तीन सांसदों मोहम्मद जावेद, कोडिकुनिल सुरेश और मल्लू रवि ने नोटिस दिया है और उसके समर्थन में विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. नोटिस में कहा गया है कि सदन में नेता प्रतिपक्ष और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया गया. आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया. विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए गए.
एक बार इस नोटिस के मंजूर होते ही बहस का समय निर्धारित किया जाएगा और लोकसभा में बहस होगी. लोकसभा के अध्यक्ष इस बहस के दौरान अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे. वैसे नियम है कि लोकसभा की कार्यवाही का संचालन उपाध्यक्ष करेंगे, लेकिन अभी तक उपाध्यक्ष का चयन नहीं हुआ है, इसलिए सभापति के पैनल में जो सबसे वरिष्ठ सांसद होंगे, वही अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठेंगे. इस मामले में जगदंबिका पाल के अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने की संभावना है.

