
सरकार ने इंडिगो की उड़ानों में 10 प्रतिशत कटौती की
इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाया है। विंटर सीजन में इंडिगो की 10% उड़ानें कम की जाएंगी। डीजीसीए ने यह फैसला इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स के साथ हुई बैठक के बाद लिया। मंत्रालय का मानना है कि इससे एयरलाइन का परिचालन स्थिर होगा और उड़ानों के रद्द होने की संख्या में कमी आएगी। यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
घरेलू उड्डयन क्षेत्र में मोनोपोली के आरोपों के बीच सरकार ने इंडिगो को अपनी उड़ानों में 10 प्रतिशत कटौती करने का आदेश जारी किया है। मतलब हुआ कि इस सीजन में इंडिगो हर हफ्ते तकरीबन 1500 उड़ानें पूर्व घोषणा के मुताबिक नहीं चला सकेंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के डाटा के मुताबिक इस बार सर्दियों के सीजन में इंडिगो की तरफ से हर हफ्ते 15,014 उड़ानों की तैयारी की थी।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और इसका घरेलू बाज़ार में हिस्सा करीब 65 प्रतिशत है। एयरलाइन रोजाना 2,300 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है, जिनमें लगभग 2,150 घरेलू उड़ानें होती हैं। घरेलू उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती का मतलब है कि इंडिगो की रोजाना घरेलू उड़ानें 1,950 से कम रह जाएंगी।
मंत्रालय के अनुसार, यह कटौती ऑपरेशन को स्थिर करने और रद्दीकरण रोकने के लिए जरूरी है। कटौती मुख्य रूप से उन रूटों में की गई हैं जहां सबसे ज्यादा मांग और जो सबसे ज्यादा व्यस्त रहती हैं। जहां इंडिगो अकेली उड़ान भरती है, वहां प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जाएगी।नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो के समग्र रूट नेटवर्क में 10 प्रतिशत की कटौती को जरूरी माना है।
इंडिगो ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि उसका संचालन अब स्थिर और सामान्य हो गया है। एयरलाइन ने मंगलवार को 1,800 से ज्यादा उड़ानें चलाईं और अपने सभी डेस्टिनेशन पर सेवाएं दीं। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 80 प्रतिशत से ऊपर लौट आया है। एयरलाइन बुधवार को लगभग 1,900 उड़ानें संचालित करने की उम्मीद कर रही है।

