
बहन की शादी के लिए उमर खालिद को मिली दो हफ्ते की अंतरिम जमानत
जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गुरुवार को अंतरिम जमानत मिल गई। उमर पिछले पांच साल से जेल में बंद है और लगातार बेल के लिए अप्लाई कर रहा है लेकिन उन्हें अब तक सफलता नहीं मिल सकी।
दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने उमर खालिद को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है,ताकि वह अपनी बहन की शादी में शामिल हो सकें। अदालत ने यह जमानत सोलह दिसंबर से उनतीस दिसंबर तक के लिए मंजूर की है। उमर खालिद सितंबर दो हजार बीस से जेल में बंद हैं और उन पर दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश वाले केस में यूएपीए समेत कई गंभीर धाराएं लगी हुई हैं। बहन की शादी सत्ताईस दिसंबर को है और इसी वजह से उन्होंने जमानत की दरख्वास्त दी थी।
जमानत मंजूर करते हुए अदालत ने बीस हजार रुपये का निजी मुचलका और दो जमानती देने की शर्त रखी है। साथ ही अदालत ने साफ कहा है कि जमानत की पूरी मियाद के दौरान उमर खालिद सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे। वह सिर्फ अपने घर पर या शादी से जुड़े बताए गए स्थानों पर रहेंगे और सिर्फ अपने घर वालों रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से मिल सकेंगे। उन्हें अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को देना होगा और फोन हमेशा चालू रखना होगा।
अदालत ने यह भी हिदायत दी है कि वह किसी गवाह या किसी दूसरे आरोपी से संपर्क नहीं करेंगे और किसी तरह से केस की जांच को प्रभावित नहीं करेंगे।
वहीं तय मियाद खत्म होने पर उन्हें उनतीस दिसंबर को वापस जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। यह जमानत सिर्फ शादी में शामिल होने के लिए दी गई है और उनका असली यानी नियमित जमानत केस अब भी अदालतों में चल रहा है।

