
सऊदी अरब बना रहा ऊंटों के लिए पासपोर्ट
कैमल पासपोर्ट एक व्यापक पहचान और स्वामित्व दस्तावेज के रूप में काम करेगा। हर पासपोर्ट में माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, ऊंट का नाम, जन्म तिथि, नस्ल, लिंग, रंग, जन्म स्थान और तस्वीर जैसे सभी जरूरी डिटेल्स होंगी।
रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट का पासपोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। आपको यह खबर सुनकर अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन हकीकत यही है। सऊदी अरब ने दुनिया को हैरान कर देने वाला यह फैसला लिया है। सऊदी सरकार ऊंटों को आधिकारिक पासपोर्ट जारी करने जा रही है।
इसकी घोषणा करते हुए सऊदी सरकार की तरफ से कहा गया कि इस कदम का मकसद ऊंटों की खरीद-बिक्री, पहचान और प्रबंधन को बेहतर बनाना बताया जा रहा है। इसके अलावा एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करना भी एक लक्ष्य है।
इसे कैमल पासपोर्ट के नाम से जाना जाएगा। इसे सऊदी अरब की लाखों की ऊंट आबादी को विनियमित और डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऊंट सदियों से अरब प्रायद्वीप के जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। परिवहन, व्यापार और रेगिस्तानी जीवन में ऊंटों की भूमिका बेहद अहम रही है।
सऊदी सरकार की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘कैमल पासपोर्ट एक व्यापक पहचान और स्वामित्व दस्तावेज के रूप में काम करेगा। हर पासपोर्ट में माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, ऊंट का नाम, जन्म तिथि, नस्ल, लिंग, रंग, जन्म स्थान और तस्वीर जैसे सभी जरूरी डिटेल्स होंगी।’

