गोरखपुर रेलवे प्रोजेक्ट पूरा: तीसरी लाइन और दोहरीकरण से बढ़ेगी ट्रेन की रफ्तार, समय से पहुंचेगी स्टेशन

आयाम स्वरूप, गोरखपुर | डोमिनगढ़-गोरखपुर जं., कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन और गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण परियोजना पूरी हो गई। 22 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट पर 520 करोड़ खर्च हुए। रेल संरक्षा आयुक्त ने सफल ट्रायल किया। अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से ट्रेन संचालन होगा, जिससे सुरक्षा, स्पीड और समयपालन बेहतर होगा। तीसरी लाइन से लाइन क्षमता बढ़ेगी, यात्री और मालगाड़ियों दोनों को फायदा मिलेगा। कैंट स्टेशन सैटेलाइट हब बनेगा और क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा व पर्यटन को नई गति मिलेगी।

गोरखपुर रेलवे मंडल के लिए बड़ी खुशखबरी है। डोमिनगढ़-गोरखपुर जं., गोरखपुर कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन और गोरखपुर जं.-नकहा जंगल दोहरीकरण परियोजना पूरी हो चुकी है। लगभग 22 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर करीब 520 करोड़ रुपये की लागत आई है।

सफल रहा स्पीड ट्रायल
अंतिम चरण में गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ (4 किमी.) तीसरी लाइन और गोरखपुर-नकहा जंगल (5 किमी.) दोहरीकरण व विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया गया। इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल ने शुक्रवार को निरीक्षण किया और सफल स्पीड ट्रायल किया। इस काम को पूरा करने में करीब 250 विभागीय और संविदा कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की।

परियोजना अलग-अलग चरणों में पूरी हुई
पहले चरण में नकहा जंगल यार्ड का काम
दूसरे चरण में गोरखपुर कैंट-कुसम्ही (9.80 किमी.)
तीसरे चरण में डोमिनगढ़ यार्ड
चौथे चरण में गोरखपुर जं.-गोरखपुर कैंट (3.5 किमी.)
पाँचवे और अंतिम चरण में गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ (4 किमी.) तीसरी लाइन तथा गोरखपुर-नकहा जंगल (5 किमी.) दोहरीकरण का काम किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से होगा संचालन
अब डोमिनगढ़, गोरखपुर जं., गोरखपुर कैंट, कुसम्ही और नकहा जंगल स्टेशनों पर ट्रेन संचालन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से किया जाएगा। इस आधुनिक तकनीक से:
रेलवे संचालन और अधिक सुरक्षित व आसान होगा।
मानवीय त्रुटियों की संभावना घटेगी।
ट्रेनों की रफ्तार और समयपालन बेहतर होगा।
रखरखाव पर खर्च कम आएगा।
अब सिर्फ कंप्यूटर डिस्प्ले पर माउस क्लिक से ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा।

यात्री और मालगाड़ियों दोनों को लाभ:
तीसरी लाइन बनने से लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। यात्री ट्रेनों का संचालन सुचारू होगा और समयपालन में सुधार होगा। मालगाड़ियों की रफ्तार भी तेज होगी, जिससे व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

सामाजिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा:
गोरखपुर कैंट अब सैटेलाइट स्टेशन के रूप में और बेहतर ढंग से कार्य कर सकेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। कृषि, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं में विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यात्रियों की आवाजाही और सुविधाओं में भी बड़ा सुधार होगा।

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