
गोरखपुर में सीएम योगी ने अक्षय पात्र किचन का किया उद्घाटन, स्कूली बच्चों को अपने हाथों से परोसी खीर
11 ब्लॉकों के विद्यालयों तक पहुंचेगा मिड-डे मील, पहले चरण में 50 हजार और बाद में एक लाख बच्चों को मिलेगा भोजन
आयाम स्वरूप, गोरखपुर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर दौरे के तहत गुरुवार शाम शहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चिलुआताल थाने के सामने स्थापित अत्याधुनिक अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अपने हाथों से खीर परोसकर उनका हालचाल भी जाना।
मुख्यमंत्री ने किचन परिसर का निरीक्षण करते हुए यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित इस किचन परिसर में पार्किंग सहित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां करीब 200 कर्मचारी कार्यरत रहेंगे।
11 ब्लॉकों के स्कूलों तक पहुंचेगा भोजन
अक्षय पात्र किचन से तैयार होने वाला मिड-डे मील शहर के 11 ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालयों तक पहुंचाया जाएगा। विद्यार्थियों की उपस्थिति के अनुसार प्रतिदिन ताजा और गर्म भोजन तैयार कर समय पर स्कूलों तक भेजा जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी नहीं रहेगी। अब एजेंसी द्वारा तैयार भोजन सीधे स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का बेहतर ढंग से पालन सुनिश्चित हो सकेगा।
इस व्यवस्था से विद्यालयों में भोजन बनाने में लगने वाला समय भी बचेगा और बच्चों को निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मशीनों से हर घंटे बनेंगी 40 हजार रोटियां
अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस किचन में मशीनों की मदद से प्रति घंटे 40 हजार रोटियां तैयार की जा सकेंगी। वहीं स्टीम तकनीक के जरिए मात्र 15 मिनट में 1200 किलोग्राम चावल पकाए जा सकेंगे।
करीब तीन से चार घंटे के भीतर एक लाख बच्चों का भोजन तैयार करने की क्षमता इस किचन में मौजूद है। भोजन को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए लगभग 100 वाहनों की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री योगी की पांच प्रमुख बातें
1. गोरखपुर में शुरू हुआ अक्षय पात्र किचन
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, मथुरा, आगरा और कानपुर के बाद अब गोरखपुर में भी अक्षय पात्र किचन की शुरुआत हो गई है। पहले चरण में 50 हजार और बाद में प्रतिदिन एक लाख बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाएगा।
2. स्वच्छ भोजन ही स्वस्थ शरीर का आधार
उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता का पहला पैमाना उसकी स्वच्छता होती है। स्वच्छ आहार से ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का निर्माण होता है। अक्षय पात्र किचन स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
3. सुपोषण के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन के सहयोग से लाखों बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे सुपोषण के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से भी जोड़ा।
4. कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे। साथ ही समय पर बैग, यूनिफॉर्म और जूते उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
5. शिक्षा व्यवस्था में हुआ व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प, ऑपरेशन अलंकार, अभ्युदय कोचिंग, अटल टिंकरिंग लैब, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में काफी तेज और पारदर्शी हुई है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे और अक्षय पात्र किचन के शुभारंभ को शिक्षा एवं पोषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सकेगा।





