
जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अफ्रीका बना रहा है 8000 किमी लंबी ग्रेट ग्रीन वॉल ऑफ ट्रीज
अफ्रीका सहारा रेगिस्तान की सीमा से लगे साहेल क्षेत्र में 8,000 किलोमीटर लंबी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' परियोजना शुरू कर रहा है।
अफ्रीका महाद्वीप में जलवायु परिवर्तन और मरुस्थलीकरण से लड़ने के लिए 8000 किलोमीटर लंबी पेड़ों की दीवार बनाई जा रही है, जिसे ग्रेट ग्रीन वॉल (Great Green Wall) कहा जाता है।
इसमें 20 से अधिक अफ्रीकी देश (जैसे- चाड, नाइजीरिया, इथियोपिया, सूडान आदि) अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पेड़ों के अलावा इसमें पानी के लिए छोटे तालाब, कृषि क्षेत्र और चरागाह शामिल किए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और खाद्य सुरक्षा बढ़े।
साहेल क्षेत्र के सामने आने वाली बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए अफ्रीकी संघ द्वारा 2007 में एक दीर्घकालिक प्रयास के रूप में ग्रेट ग्रीन वॉल शुरू की गई थी।
यह क्षेत्र अफ्रीका की चौड़ाई में फैला हुआ है, जो सहारा रेगिस्तान को दक्षिण में मौजूद हरे-भरे सवाना से अलग करता है। इसका मूल दृष्टिकोण लगभग 8,000 किलोमीटर लंबी और लगभग 15 किलोमीटर चौड़ी पेड़ों की एक निरंतर बेल्ट बनाने का था।

