
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं, मथुरा-द्वारका में मंगला आरती, दिनभर होगा पूजन
कृष्ण जन्माष्टमी, जिसे जन्माष्टमी वा गोकुलाष्टमी के रूप में भी जाना जाता है, एक वार्षिक हिंदू त्योहार है जो विष्णुजी के दशावतारों में से आठवें और चौबीस अवतारों में से बाईसवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्म के आनन्दोत्सव के लिये मनाया जाता है।
देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव है। मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका में जन्माष्टमी की धूम है। मथुरा में जन्मभूमि, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई।
भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में गुरुवार रात से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि जन्मोत्सव के लिए मथुरा-वृंदावन समेत ब्रज मंडल में करीब 75 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।
इधर, जन्माष्टमी पर ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में एक खास रस्म के लिए मुख्य मंदिर 5 घंटे तक बंद रहेगा। इस रस्म में भगवान मां का रूप धारण करके श्री कृष्ण को जन्म देंगे।
जन्माष्टमी से ठीक पहले शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्री लडडू गोपाल के लिए खास उपहार भेजे गए। यह परंपरा 2024 में शुरू हुई थी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने भी सभी को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर सुभाषितम् भी शेयर किया है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है, जिसने मानवता का निरंतर मार्गदर्शन किया है। उनकी भक्ति और उपासना को समर्पित यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे, यही कामना है। जय श्रीकृष्ण।

