DJ छीन न ले सुनने की क्षमता: ‘सबसे तेज’ हरियाणा-मेरठ वाले कानफोड़ू डीजे की दीवानगी बढ़ा रही खतरा, बना रही बीमार

गोरखपुर में "सबसे तेज आवाज" वाले हरियाणा-मेरठ से बने DJ की दीवानगी बढ़ती जा रही है। 150-200 डेसिबल तक की ध्वनि से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन सिंह ने चेताया कि 85 डेसिबल से ऊपर की आवाज कानों की कोशिकाएं नष्ट कर स्थायी बहरापन दे सकती है। लाखों रुपये के DJ सेटअप की बुकिंग 20 हजार से 2.5 लाख तक हो रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में इनकी सबसे अधिक मांग है।

आयाम स्वरूप, गोरखपुर। नवरात्र और सहालग सीजन में “सबसे तेज” आवाज वाले डीजे की दीवानगी लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। हरियाणा और मेरठ में तैयार कराए गए हाई-वॉल्यूम डीजे सेटअप अब गोरखपुर और आसपास के इलाकों में शोर और बीमारियों दोनों का कारण बन रहे हैं।

डॉक्टरों की चेतावनी: 80-85 डेसिबल से ज्यादा खतरनाक
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पी.एन. सिंह के अनुसार, 80 से 85 डेसिबल से अधिक आवाज कानों के लिए हानिकारक होती है। लंबे समय तक ऐसी आवाज में रहने से कानों की अंदरूनी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और व्यक्ति की सुनने की क्षमता स्थायी रूप से खत्म भी हो सकती है।

गोरखपुर में बढ़ा कानफोड़ू डीजे का क्रेज
डीजे की “सबसे तेज” आवाज की चाहत अब सामाजिक समस्या बन गई है। विसर्जन जुलूसों के बाद अब ये सहालग और शादियों में लोगों की नींद और सेहत दोनों छीन रहे हैं।
गोरखपुर में वर्तमान में तीन बड़े डीजे संचालक हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये के हाई-पावर साउंड सेटअप मौजूद हैं।

एक सेटअप पर खर्च होता है 1 करोड़ तक
डीजे संचालकों के मुताबिक, बड़े साउंड सेटअप बनाने में अमेरिका और चीन से आयात किए गए बेस, एम्पलीफायर, ऑडियो मिक्सर, स्पीकर और लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इन सेटअप को हरियाणा और मेरठ में स्पेशल तकनीक से तैयार कराया जाता है और फिर गोरखपुर भेजा जाता है।
एक संचालक ने बताया कि एक डीजे सेटअप की लागत करीब एक करोड़ रुपये तक आती है।

ग्राहकों की डिमांड – “सबसे तेज आवाज”
डीजे संचालक के मुताबिक, आज ग्राहक सिर्फ तेज नहीं बल्कि “सबसे तेज” आवाज वाले सेटअप की डिमांड कर रहे हैं। इसी वजह से अब 150 से 200 डेसिबल तक की आवाज वाले डीजे बनाए जा रहे हैं।
शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में इनकी मांग अधिक है। संचालक मानते हैं कि “आवाज जितनी तेज, बुकिंग उतनी ज्यादा।”

डीजे कारोबारियों के अनुसार, इस पूरे सीजन में डीजे व्यवसाय का टर्नओवर करीब 20 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सहालग में भी इस बार जबरदस्त कमाई हुई।

20 हजार से 2.5 लाख तक की बुकिंग
त्योहारों से लेकर शादियों तक डीजे के रेट तय हैं। छोटे सेटअप की बुकिंग 20 हजार रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़े और हाईटेक सेटअप की कीमत 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
सावन की कांवड़ यात्रा से शुरू होकर यह मांग गणेश पूजा, दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजन और छठ पूजा तक बनी रहती है।

रेडीमेड साउंड नहीं देता ‘दमदार’ आवाज
डीजे संचालक बताते हैं कि बेहतरीन डीजे के लिए कस्टम साउंड बॉक्स पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मुंबई में बनवाए जाते हैं। इससे आवाज में दमदार बेस और क्लियर साउंड मिलता है।
एक अच्छा डीजे सेटअप बनवाने में करीब 50 लाख रुपये लगते हैं, जबकि रेडीमेड सेटअप 10 लाख में आ जाता है, लेकिन उसकी डिमांड कम रहती है।

संचालक के अनुसार, एक शादी में आमतौर पर 2000 वॉट पॉवर वाले चार बेस और छह टॉप लगाए जाते हैं। कोरियन मशीनों की मदद से इनसे बेहद धमकदार आवाज निकलती है।

150-200 डेसिबल की आवाज से बढ़ता है ब्लड प्रेशर
डॉ. पी.एन. सिंह बताते हैं कि 150-200 डेसिबल की आवाज ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ा सकती है, जो हृदय रोगियों और बीपी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
इसके अलावा, लगातार तेज शोर से तनाव, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है।

निष्कर्ष
हरियाणा और मेरठ से मंगाए गए “सुपर साउंड” डीजे जहां एक ओर मनोरंजन का नया ट्रेंड बन गए हैं, वहीं दूसरी ओर ये सुनने की क्षमता, नींद और स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अब भी सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले समय में शहर में सुनने की समस्या के मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।

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