अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए केंद्र सरकार की 45,000 करोड़ की दो योजनाओं को मंजूरी

अमेरिका के टैरिफ से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 45,000 करोड़ रुपये की दो योजनाएं मंजूर की हैं। 25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन से वस्त्र, चमड़ा, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, जबकि 20,000 करोड़ की ऋण गारंटी योजना के तहत निर्यातकों को बिना संपार्श्विक ऋण सहायता मिलेगी।

केंद्र सरकार ने अमेरिका के भारी टैरिफ के असर से निपटने में निर्यातकों की मदद के लिए 45,000 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन का मकसद भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत करना है। दूसरी, निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएसई) है, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये तक की संपार्श्विक-मुक्त ऋण सहायता सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये निर्णय किए गए।
निर्यात संवर्धन मिशन के तहत अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित क्षेत्रों वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और समुद्री उत्पाद को मदद दी जाएगी। इसमें खासकर पहली बार निर्यात करने वाले और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए सूक्ष्म, लघु, मध्य उद्यम (एमएसएमई) को मदद मिलेगी। यह मिशन इस वित्त वर्ष से शुरू होगा और छह वित्त वर्ष के लिए होगा। इस कदम से निर्यातकों को अमेरिका के लगाए गए भारी टैरिफ से निपटने में मदद मिलेगी।
यह व्यापक मिशन है और यह संपूर्ण निर्यात तंत्र को समर्थन देगा। इस कदम से घरेलू निर्यातकों को अमेरिकी टैरिफ से बचाने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगा दिया है।

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