33 साल बाद पश्चाताप से मुक्ति, लौटाया 8000 रू

रतलाम में एक व्यक्ति ने 33 साल बाद 1993 में मिली रकम उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी और आत्मस्वीकृति की अनूठी मिसाल पेश की।

मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति ने 33 साल पहले सड़क पर मिले ₹8,000 असली मालिक को लौटा दिए। यह मामला 8 अगस्त 1993 का है। शाकिर हुसैन  मंसूरी , जो वर्तमान में पंचायत में सहायक सांख्यिकी अधिकारी हैं, को रतलाम से जावरा जाते समय सड़क पर एक बैग मिला था। उस बैग में ₹8,000 नकद, कुछ बिल्बुक, रसीदें और अन्य आवश्यक दस्तावेज थे। शाकिर ने उस समय उन पैसों का उपयोग कर लिया था, लेकिन यह बात उनके मन पर 33 साल तक बोझ की तरह बैठी रही। अंतरात्मा की आवाज सुनने के बाद, शाकिर ने असली मालिक को खोजने का फैसला किया। तलाश करने पर, बैग के मालिक बालकृष्ण राठौड़ मिले, जो शाकिर के कॉलेज के पुराने दोस्त निकले। चूंकि बैग में बालकृष्ण की मेडिकल एजेंसी के कागजात थे, इसलिए पुष्टि करने में आसानी हुई। शाकिर ने बालकृष्ण को उनके पैसे लौटाकर माफी मांगी। शाकिर का कहना है कि इतने वर्षों बाद अपनी अमानत वापस पाकर बालकृष्ण बहुत खुश हुए और शाकिर को भी 33 साल के पश्चाताप से मुक्ति मिल गई।

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