
मुश्किल में अदाणी, भारत सरकार को बायपास कर अमेरिकी SEC सीधे भेजेगा समन
अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) गौतम अदाणी और सागर अदाणी को कथित धोखाधड़ी व 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना मामले में सीधे ईमेल से समन भेजने की अनुमति मांग रहा है। भारत द्वारा पहले दो अनुरोध ठुकराए जाने के बाद SEC ने यह कदम उठाया है।
गौतम अदाणी ग्रुप के खिलाफ अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप सरकार की यह संस्था अदाणी (Gautam Adani) के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट से भारतीय अरबपति गौतम अदाणी और ग्रुप एग्जीक्यूटिव सागर अदाणी को कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर (लगभग 24 हजार करोड़ रुपये) की रिश्वत योजना के मामले में सीधे ईमेल से समन भेजने की इजाजत मांगी है।
SEC ने कहा कि भारत ने पहले समन भेजने की दो रिक्वेस्ट को मना कर दिया था। अमेरिका में एक भारतीय ग्रुप से जुड़े सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी मामले में, SEC पिछले साल से अडानी ग्रुप के फाउंडर गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर को समन भेजने की कोशिश कर रहा है।
अदाणी ग्रुप ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया है और कहा है कि वह अपना बचाव करने के लिए “सभी संभावित कानूनी रास्ते” अपनाएगा। उसने 21 जनवरी की लेटेस्ट SEC फाइलिंग पर रॉयटर्स के कमेंट के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
न्यूयॉर्क कोर्ट को दिए जवाब में, अमेरिकी मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि उसे उम्मीद नहीं है कि मौजूदा तरीके से सर्विस पूरी होगी और उसे अडानी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव्स को सीधे ईमेल से समन भेजने की इजाज़त दी जानी चाहिए।

