मेक्सिको ने लगाया भारत पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़,1 जनवरी 2026 से लागू

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबॉम ने संसद से मंजूरी के बाद भारत, चीन समेत कई एशियाई देशों पर 50 फ़ीसदी तक टैरिफ़ लगाने का एलान किया।

मेक्सिको की संसद ने उन देशों के ख़िलाफ़ टैरिफ़ बढ़ा कर 50 फ़ीसदी तक कर दिया है, जिनके साथ उसका फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए नहीं है। भारत, चीन, थाईलैंड और इंडोनेशिया समेत कई एशियाई देशों के निर्यात पर मेक्सिको के इस टैरिफ़ का असर पड़ेगा।
मेक्सिको के लिए इन देशों का निर्यात अब महंगा हो जाएगा। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडियो शिनबॉम ने कहा है कि घरेलू उत्पादन और रोज़गार बढ़ाने के लिए टैरिफ़ बढ़ाने का ये कदम जरूरी है। रॉयटर्स के मुताबिक़ भारत से निर्यात होने वाली कारों पर ड्यूटी की दर 20 फ़ीसदी से बढ़ कर 50 फ़ीसदी हो जाएगी. इससे फॉक्सवैगन, ह्यूंदै, निसान और मारुति सुजुकी के निर्यात पर असर पड़ेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि मेक्सिको के इस कदम से भारत में काम कर रही फॉक्सवैगन और ह्यूंदै जैसी ऑटो कंपनियों के नौ हजार करोड़ रुपये के कार निर्यात पर असर पड़ सकता है।
रॉयटर्स के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत ने मेक्सिको को 5.3 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया था जिसमें से लगभग एक अरब डॉलर यानी 9000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी कारों की थी। भारत से मेक्सिको भेजी जाने वाली कुल कारों में से लगभग 50 फ़ीसदी स्कोडा ऑटो की हैं। ह्युंडई ने 20 करोड़ डॉलर, निसान ने 14 करोड़ डॉलर, और सुज़ुकी ने 12 करोड़ डॉलर की कारें मेक्सिको को भेजीं।
मेक्सिको ओर से घोषित नए टैरिफ़ 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएंगे। कारों के अलावा मेटल्स, कपड़ों और दूसरे घरेलू सामानों पर ये टैरिफ़ लगेंगे।
नए टैरिफ़ से मेक्सिको को अगले साल लगभग लगभग 2.8 अरब डॉलर का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलेगा। राष्ट्रपति सिनबॉम ने टैरिफ़ बढ़ाने का प्रस्ताव संसद को सितंबर में ही भेज दिया था लेकिन एशियाई देशों, बिजनेस लॉबी और विपक्ष के दबाव की वजह से इसे पारित कराने में देरी हुई।
मेक्सिको का मैन्युफै़क्चरिंग सेक्टर चीन, भारत, दक्षिण कोरिया समेत कई देशों के साजो-सामान पर निर्भर है। मेक्सिको के उद्योगपतियों का कहना है कि इस टैरिफ़ से उनकी लागत काफी बढ़ जाएगी। इससे देश में महंगाई बढ़ने का ख़तरा है।

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