
केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया 40000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन तेल
मिट्टी का तेल (केरोसिन) दिया गया है, जो मुख्य रूप से उन क्षेत्रों के लिए है जहां एलपीजी की कमी हो सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 40,000 किलोलीटर केरोसिन (मिट्टी का तेल) उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह कदम खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए है, जहां घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कमी हो रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकारें इस केरोसिन को अपने चिह्नित लाभार्थियों तक पहुंचाएंगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकारें वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध कराएंगी ताकि लोगों को खाना पकाने में कोई दिक्कत न हो।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्यों को केवल केरोसिन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि इसे सही तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाना भी जरूरी है। राज्य सरकारें अपने स्थानीय वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित करेंगी कि जरूरतमंद परिवारों को खाना पकाने के लिए पर्याप्त ईंधन मिले। साथ ही कुछ अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि शहरों और कस्बों में सिलेंडर की किल्लत न हो।
सरकार ने आम जनता से यह अपील की है कि वे अफवाहों में न आएं और अपनी जरूरत के हिसाब से ही रसोई गैस और अन्य ईंधन का उपयोग करें। फिलहाल पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। अतिरिक्त केरोसिन की व्यवस्था लोगों को आराम देने और घरेलू रसोई की जरूरतें पूरी करने के लिए है।

