22 फरवरी से जापान दौरे पर जा रहे हैं, 600 किमी प्रतिघंटा वाली ट्रेन से करेंगे यात्रा

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से जापान दौरे पर जा रहे हैं। वह यहां भविष्य की रेल सेवाओं से जुड़ी विशेष जानकारियां हासिल करेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं. यह उनके नौ वर्षों के कार्यकाल में दूसरी विदेश यात्रा है। इससे पहले 2017 में वे म्यांमार के सीमित दौरे पर गए थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने लंबे समय तक विदेश यात्राओं से दूरी बनाए रखी। अब प्रदेश में निवेश और आधुनिक ढांचे को गति देने की रणनीति के तहत मुख्यमंत्री दो महत्वपूर्ण एशियाई देशों की यात्रा पर जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री अपने जापान प्रवास के दौरान जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन,हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी।

मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। जापान टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजना के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को लखनऊ से सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। 23-24 फरवरी को वह विभिन्न बैठकों, कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं 25-26 को मुख्यमंत्री जापान में रहेंगे, जहां वह विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री निवेशकों और तकनीकी कंपनियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और अवसंरचनात्मक निवेश को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री 22 फरवरी को सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। 23 और 24 फरवरी को वे वहां विभिन्न निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और प्रवासी भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। राज्य सरकार का फोकस मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर है। सिंगापुर के बाद 25 और 26 फरवरी को वे जापान में रहेंगे। वहां वे सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बैठक करेंगे। जापान की कंपनियों की उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद भागीदारी को और विस्तार देने की कोशिश की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button