
अफगान विदेशमंत्री के लिए भारत का देवबंद दारूल उलूम क्यों है इतना महत्वपूर्ण
खैबर पख्तून्ख्वा में जो दारूल उलूम हक्कानिया मदरसा है। उसे दारूल उलूम देवबंद की तर्ज पर ही बनाया गया था। दारूल उलूम हक्कानिया के संस्थापक मौलाना अब्दुल हक ने भी देवबंद के इसी मदरसे में पढ़ाई की थी। इतना ही नहीं तालिबान के कई बड़े कमांडर दारूल उलूम हक्कानिया से ही निकले हैं। इसी वजह से तालिबान के कमांडर दारूल उलूम देवबंद को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत की 6 दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान वे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह दारुल उलूम देवबंद मदरसा और ताजमहल का दौरा करेंगे। बता दें कि देवबंद मदरसे में कुछ अफगान छात्र भी पढ़ाई कर रहे हैं।
11 अक्टूबर को मुत्ताकी दाराउल उलूम देवबंद मदरसे जाएंगे। कई तालिबान नेता इस मदरसे को बहुत सम्मान देते हैं। पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित दाराउल उलूम हक्कानिया मदरसे की स्थापना दाराउल उलूम देवबंद की तर्ज पर ही हुई थी। कई वरिष्ठ तालिबान कमांडर और नेता इसी मदरसे में पढ़े हैं। दाराउल उलूम हक्कानिया के संस्थापक मौलाना अब्दुल हक ने भारत के बंटवारे से पहले 1947 में देवबंद मदरसे में पढ़ाई की थी और वहां पढ़ाया भी था। उनके बेटे, समी-उल-हक को ‘तालिबान का पिता’ कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दाराउल उलूम हक्कानिया ने तालिबान कमांडरों और नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
आमिर मुत्ताकी पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में उप उद्योग और वाणिज्य मंत्री अहमदउल्लाह ज़ाहिद, विदेश मंत्रालय के पहले राजनीतिक प्रभाग के महानिदेशक नूर अहमद नूर (जो दक्षिण एशिया का काम देखते हैं) और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जिया अहमद ताकल शामिल हैं। मुत्ताकी को सरकारी प्रोटोकॉल दिया गया है। इसमें हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी मुलाकात भी शामिल है।
मुत्ताकी और जयशंकर की मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों का जायजा लेने का मौका देगी। इसमें सुरक्षा मुद्दे और आतंकवाद से लड़ने के सहयोग पर भी बात होगी। तालिबान की तरफ से अफगानिस्तान के छात्रों, व्यापारियों और मरीजों के लिए वीजा नियमों को और आसान बनाने की मांग की जा सकती है। साथ ही, भारत में तालिबान की उपस्थिति बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया जा सकता है।

