
सीएम योगी की नाराजगी के बाद हटाया गया कूड़े का ढेर, बरहुआं में चला सफाई अभियान
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से बरहुआं पावर हाउस के पास फैली गंदगी देखकर नाराजगी जताई। इसके बाद नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जेसीबी व वाहनों की मदद से कूड़े का ढेर हटाकर सफाई अभियान चलाया। स्थानीय लोगों ने राहत जताई। अधिकारियों ने दोबारा गंदगी न फैलने के निर्देश दिए और निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपी गई।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। रविवार को हेलीकॉप्टर से यात्रा के दौरान सीएम ने गीडा क्षेत्र के बरहुआं पावर हाउस के पास फैली गंदगी और कूड़े के बड़े ढेर को देखा, जिसके बाद अधिकारियों को फटकार लगाई गई।
सीएम की सख्ती के तुरंत बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रविवार को सहजनवां में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बरहुआं पावर हाउस के आसपास लंबे समय से जमा कचरे पर पड़ी। क्षेत्र में काफी दिनों से कूड़ा डाला जा रहा था, जिससे वहां गंदगी और बदबू की समस्या लगातार बढ़ रही थी।

जेसीबी और वाहनों की मदद से हटाया गया कचरा
मुख्यमंत्री की नाराजगी सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने तुरंत जेसीबी मशीनें और कई वाहन मौके पर भेजे। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कूड़े के बड़े ढेर को हटाया और निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया। इसके साथ ही पूरे इलाके में व्यापक सफाई अभियान भी चलाया गया।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
बरहुआं इलाके के लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई पर खुशी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पावर हाउस के आसपास लंबे समय से कूड़ा जमा होने की वजह से बारिश और गर्मी के मौसम में बदबू फैलने लगी थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। लोगों ने उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र में नियमित सफाई कराई जाएगी और दोबारा कचरा जमा नहीं होने दिया जाएगा।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सफाई अभियान के दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और भविष्य में वहां दोबारा कूड़ा न डाले जाने के निर्देश दिए।
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि बरहुआं पावर हाउस के पास जमा पूरा कूड़ा हटवा दिया गया है। साथ ही इलाके में दोबारा गंदगी न फैले, इसके लिए स्थानीय ग्राम प्रधान को निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

