गोरखपुर जीडीए टावर समेत 100 से अधिक संपत्तियों के घटेंगे दाम

जीडीए टावर में दुकानें, फूडकोर्ट, रेस्टोरेंट और ऑफिस स्पेस आज भी खरीदार का इंतजार कर रहे हैं। हर साल दरों में होने वाली बढ़ोतरी और समय के साथ जर्जर होती इमारतों ने आम खरीदारों को इनसे दूर कर दिया।

गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने वर्षों से खाली पड़ी अपनी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जीडीए टावर और रामगढ़ताल क्षेत्र की वसुंधरा आवासीय योजना, लोहिया एन्क्लेव समेत शहर की 100 से अधिक आवासीय व व्यावसायिक इकाइयों की कीमतों में अब 25 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही जीडीए को नई उम्मीद मिली है।
दरअसल, जीडीए की कई योजनाओं के फ्लैट, दुकानें और कार्यालय पिछले एक दशक से खाली पड़े हैं। हर साल दरों में होने वाली बढ़ोतरी और समय के साथ जर्जर होती इमारतों ने आम खरीदारों को इनसे दूर कर दिया। वसुंधरा योजना के फ्लैट, जो कभी 50 लाख रुपये में उपलब्ध थे, बढ़ते-बढ़ते 90 लाख तक पहुंच गए। यही स्थिति लोहिया एन्क्लेव और गोलघर स्थित जीडीए टावर की भी रही, जहां ऊंची कीमतों के कारण दुकानें और कार्यालय ब्लॉक नहीं बिक सके। इसके अलावा बुद्धा मिनी मार्ट, सिद्धार्थपुरम शॉपिंग सेंटर, वैशाली योजना और राप्तीनगर की कई दुकानें भी वर्षों से खाली हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के अनुसार, शासनादेश जारी होते ही नई दरें लागू की जाएंगी और संपत्तियों के लिए नया पंजीकरण शुरू होगा। पहले आओ, पहले पाओ और लॉटरी प्रक्रिया के जरिये आवंटन किया जाएगा।

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