594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार: हर 10 किमी पर स्पीड सेंसर, 8 मिनट में मिलेगी मदद
मेरठ से प्रयागराज तक बना 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे शुरू हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर 10 किमी पर स्पीड सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं, जिससे ओवरस्पीड पर चालान होगा। वाहन खराब होने या पेट्रोल-डीजल खत्म होने पर 8 मिनट में मदद मिलेगी। एक्सप्रेसवे पर मोबाइल रिकवरी वैन, एंबुलेंस और पुलिस चौकियां तैनात रहेंगी। 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग से सफर सुरक्षित और टेंशन फ्री होगा।
आयाम स्वरूप, गोरखपुर
मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक इंतजाम किए गए हैं, जिससे सफर तेज, सुरक्षित और टेंशन फ्री होगा।
8 मिनट में पहुंचेगी मदद, कंट्रोल रूम से निगरानी
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान यदि किसी वाहन में खराबी आती है या कोई अन्य समस्या होती है, तो कंट्रोल रूम के माध्यम से महज 8 मिनट के भीतर मोबाइल रिकवरी वैन मौके पर पहुंच जाएगी।
सीओ स्तुति सिंह के अनुसार, जरूरत पड़ने पर मौके पर मैकेनिक भी पहुंचेंगे, जो वाहन की खराबी को ठीक करेंगे। यदि किसी वाहन का पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाता है, तो इमरजेंसी में ईंधन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

हर 10 किमी पर स्पीड सेंसर, ओवरस्पीडिंग पर स्वतः चालान
यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर स्पीड कंट्रोल सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। ये सेंसर निर्धारित गति से अधिक चलने वाले वाहनों का स्वतः चालान कर देंगे, जिससे ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगेगी।
प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण
इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण Narendra Modi द्वारा हरदोई में आयोजित कार्यक्रम से किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण Adani Enterprises Limited ने आधुनिक तकनीकों के साथ किया है।


हापुड़ के 22 गांवों से होकर गुजरता है एक्सप्रेसवे
सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे हापुड़ तहसील क्षेत्र के करीब 22 गांवों से होकर गुजरता है। लंबी दूरी को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चेक पोस्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, ताकि पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग हो सके।

जिले में 50 किमी तक फैला, बनेंगी नई पुलिस चौकियां
एक्सप्रेसवे जिले में करीब 50 किलोमीटर के दायरे में फैला है। सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए नई पुलिस चौकियां स्थापित करने की योजना है।
इन चौकियों को आधुनिक संसाधनों और संचार तकनीक से लैस किया जाएगा, जहां 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा।
एंबुलेंस और लगातार निगरानी की व्यवस्था
एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस की भी तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति—जैसे दुर्घटना, अपराध या तकनीकी समस्या—में तुरंत सहायता मिल सके।
नियमित गश्त और निगरानी से अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध सफर का अनुभव मिल सके।
