
सुप्रीम कोर्ट ने अस्थाई कर्मचारियों के हक में सुनाया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी से लंबे समय तक काम लिया जाता है, तो वह कार्य स्थायी माना जाएगा।
उच्चतम न्यायालय ने कर्मचारियों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी से लंबे समय तक काम लिया जाता है, तो वह कार्य स्थायी माना जाएगा। शीर्ष अदालत के अनुसार, इतनी लंबी सेवा ही इस बात का प्रमाण है कि उस पद पर नियमित नियुक्ति की जरूरत थी। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला रद्द कर दिया है। कोर्ट ने प्रभावित कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखने का आदेश दिया है। यह मामला कानपुर नगर निगम के स्विचमैन कर्मचारियों से जुड़ा है।
यह फैसला मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है जो स्वीकृत पदों पर वर्षों से अनुबंध पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा था।

