
आठ राज्यों में डीएम को मिला भारतीय नागरिकता देने का अधिकार
केंद्र सरकार ने नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन 8 राज्यों के जिला कलेक्टर धारा 6B के तहत नागरिकता आवेदनों की जांच कर नागरिकता दे सकेंगे। जानें नए नियम की पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में नागरिकता (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिलाधिकारियों (DM/कलेक्टर)गुजरात, राजस्थान, पंजाब, बंगाल, असम व त्रिपुरा (आदिवासी इलाकों को छोड़कर) और केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में जिलाधिकारियों (डीएम) को भारतीय नागरिकता के आवेदन स्वीकार करने, जांच करने और सीधे नागरिकता प्रदान करने का अधिकार दे दिया है। इससे पहले यह अधिकार अधिकार प्राप्त समितियों (Empowered Committees) के पास था।
अधिसूचित नियमों में कहा गया है, “जिलाधिकारी, आवेदक की उपयुक्तता से संतुष्ट होने यानी यह तय करने पर कि वह पंजीकरण या नेचुरलाइजेशन के लिए एक पात्र व उपयुक्त व्यक्ति है, उसे भारत की नागरिकता प्रदान करेगा।”
इन राज्यों में जिलाधिकारी उन अधिकार प्राप्त समितियों और जिला स्तरीय समितियों की जगह लेंगे, जिनके पास पहले ये अधिकार थे।
सरकार ने निर्देश दिया है कि निर्दिष्ट क्षेत्रों में अधिकार प्राप्त समितियों या जिला स्तरीय समितियों के पास वर्तमान में लंबित सभी आवेदनों को तुरंत संबंधित जिलाधिकारियों को स्थानांतरित किया जाए। नए नियमों में आवेदकों के लिए खुद पेश होने की सख्त शर्तें रखी गई हैं।

