
भारत के साथ रक्षा साझेदारी को लेकर तैयार यूरोपियन यूनियन
भारत और यूरोपीय संघ एक बड़ी रक्षा डील करने जा रहे हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख ने बताया कि इस साझेदारी पर अगले सप्ताह दिल्ली में होने जा रहे शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षर होंगे।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा और रक्षा साझेदारी करने जा रहे हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने EU संसद में यह जानकारी दी है। यूरोपियन संसद में बोलते हुए कलास ने कहा कि यह साझेदारी एक बड़े रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा होगी, जिस पर नई दिल्ली में होने वाले EU-भारत शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूरोप भारत के साथ एक मजबूत नए एजेंडा पर काम करने के लिए तैयार है। इस सम्मेलन में भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की भी उम्मीद है।
यूरोपीय संसद में काजा कलास ने कहा, ‘आज EU ने एक नई सुरक्षा और रक्षा पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर करने के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। यह समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी और साइबर-डिफेंस जैसे क्षेत्रों में हमारे सहयोग का विस्तार करेगा। मैं अगले सप्ताह नई दिल्ली में EU- भारत शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर हस्ताक्षर करने का इंतजार कर रही हूं।’
यूरोपीय संसद ने जुलाई में हुए एक अहम अमेरिकी व्यापार समझौते की मंज़ूरी निलंबित कर दी है। यह क़दम डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग के विरोध में उठाया गया है।
समझौते की मंज़ूरी के निलंबन का एलान बुधवार को फ़्रांस के स्ट्रासबर्ग में किया गया। यह उसी समय हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम को संबोधित कर रहे थे। यह फ़ैसला अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार को लेकर बढ़े तनाव के बाद लिया गया। यह तनाव ट्रंप की ग्रीनलैंड हासिल करने की कोशिश से पैदा हुआ था, जिससे बाज़ारों में हलचल हुई और ट्रेड वॉर की चर्चा फिर से तेज़ हुई।

