
गोरखपुर में चुने जाएंगे सर्वश्रेष्ठ तीन आदर्श वार्ड, मिलेंगे एक-एक करोड़
गोरखपुर नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन वार्डों को एक-एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देगा। यह प्रोत्साहन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और उचित निस्तारण जैसे मानकों पर बेहतर काम करने वाले वार्डों को मिलेगा। महापौर की अध्यक्षता वाली कमेटी इन वार्डों का चयन करेगी जिससे पार्षदों को विकास कार्यों के लिए धन मिलेगा।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो या कूड़े का सही ढंग से निस्तारण। स्वच्छ सर्वेक्षण के विभिन्न मानकों के आधार पर वार्ड को साफ सुथरा और बेहतर बनाने वाले तीन आदर्श वार्डों को नगर निगम गोरखपुर प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक करोड़ रुपये से पुरस्कृत करेगा। इनका चयन महापौर की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इस धनराशि से पार्षद अपने अनुसार वार्ड में विकास कार्य करा सकेंगे।
इस वर्ष घोषित स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में 10 लाख से कम जनसंख्या वाली श्रेणी में नगर निगम गोरखपुर ने लंबी छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। रैंकिंग में यह सुधार भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देश पर नगर निगम की ओर से वार्डों के बीच कराई गई प्रतियोगिता की वजह से संभव हो सका।
निगम की कोशिश थी कि वार्डों के बीच स्वच्छता संबंधी प्रतियोगिता कराकर स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के आधार पर शहर की स्थिति बेहतर बनाई जा सके। इसी क्रम में नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के आधार पर ही शहर के वार्डों की स्वच्छता को परखा और टाप-10 समेत कुल 13 आदर्श वार्डों का चयन किया।
पुरस्कार और प्रोत्साहन स्वरूप टाप-10 आदर्श वार्डों को 50-50 लाख रुपये और सांत्वना पुरस्कार स्वरूप तीन आदर्श वार्डों को 10-10 लाख रुपये दिए गए। वहीं, अब नगर निगम इनमें से टाप-3 वार्डों का चयन करेगा और इन्हें एक-एक करोड़ रुपये देगा।
नगर निगम की ओर से 13 वार्डों को ‘आदर्श वार्ड’ घोषित किया गया है। इनमें राप्तीनगर, विकास नगर, गोपालपुर, गिरधरगंज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर, चंद्रशेखर आजाद चौक, सिविल लाइन-1, शक्ति नगर, बसंतपुर, आत्माराम नगर, चरगांवा, सालिकराम नगर और विजय चौक शामिल हैं। यह सम्मान ‘स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता-2025’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर दिया गया है। अब इनके बीच प्रतियोगिता हो रही है, जिसके आधार पर टाप-3 आदर्श वार्ड चुने जाएंगे।

