
आर्टेमिस-2 मिशन ने पार की पृथ्वी की कक्षा, 54 साल बाद चंद्रमा की ओर बढ़ा मानव दल
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से आगे बढ़कर चंद्रमा की ओर रवाना हो गया है। यह भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मिशन लगभग 10 दिनों का होगा, जिसमें चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा कर महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण भविष्य के उन मिशनों के लिए अहम होगा, जिनका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना है।
नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस मिशन का मानव दल सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर अब चंद्रमा की ओर अग्रसर हो चुका है। यह कदम मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
मिशन प्रबंधन टीम ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए सर्वसम्मति से ‘गो’ सिग्नल दिया था। यह बर्न कुल 5 मिनट 49 सेकंड तक चला। इसके सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही अंतरिक्ष यात्री 1972 के अपोलो 17 के बाद पहली बार चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने के लिए आधिकारिक रूप से रवाना हो गए हैं।
नासा के प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और आर्टेमिस-2 का दल अब चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसे एजेंसी के लिए एक निर्णायक क्षण बताते हुए कहा कि अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा भेजने के मिशन में सक्रिय हो गया है।
मिशन कंट्रोल ने दिन की शुरुआत ग्रीन लाइट गीत बजाकर की, जिससे महत्वपूर्ण ऑपरेशनों के लिए सकारात्मक माहौल बनाया गया।

