DDU में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बने रवि किशन, पहली क्लास में बोले- “हमरे क्लास में बदमाशी ना चली, फुल अटेंडेंस चाहिए”

गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने DDU में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में पहली क्लास ली। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, 100% अटेंडेंस, संघर्ष और सफलता का मंत्र देते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए।

आयाम स्वरूप, गोरखपुर

गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में अपनी नई भूमिका की शुरुआत की। उन्होंने ललित कला विभाग के नादायन हॉल में सुबह 11 बजे अपनी पहली क्लास ली और छात्रों से अनुशासन, नियमित उपस्थिति और सीखने के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया।

पहली क्लास में छात्रों को दिए अनुशासन के मंत्र

क्लास की शुरुआत में रवि किशन ने सबसे पहले विद्यार्थियों का परिचय जाना। इसके बाद उन्होंने भोजपुरी अंदाज में कहा, “हमरे क्लास में बदमाशी ना चली, बदतमीजी ना चली, क्लास में डिसिप्लिन चाही।”

उन्होंने छात्रों से कहा कि हर क्लास में पेन और पेपर लेकर आएं और जो भी बातें बताई जाएं, उन्हें पॉइंट्स बनाकर नोट करें ताकि अगली क्लास में उन पर चर्चा की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी क्लास में फुल अटेंडेंस होनी चाहिए और किसी छात्र की गैरहाजिरी उन्हें पसंद नहीं आएगी।

फिजिकल एक्सरसाइज से लेकर संगीत और पेंटिंग तक सिखाएंगे

रवि किशन ने बताया कि उनकी कक्षाएं केवल सैद्धांतिक नहीं होंगी। वे छात्रों को फिजिकल एक्सरसाइज कराएंगे, संगीत से जुड़ी जरूरी जानकारियां देंगे, पेंटिंग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराएंगे और समय-समय पर अलग-अलग टास्क भी देंगे, जिससे विद्यार्थियों का समग्र विकास हो सके।

“कड़क हूं, कड़क सिखाऊंगा”

छात्रों को संबोधित करते हुए रवि किशन ने कहा कि उनकी क्लासें बेहद अलग और प्रेरणादायक होंगी।

उन्होंने कहा, “मेरी क्लासेज अद्भुत होंगी, ये वचन देता हूं। कड़क हूं, कड़क सिखाऊंगा। अगर कुछ बनना है तो मेरी क्लास में आओ। ऐसा तरास दूंगा कि पूरे भारत में कोई ऐसे तरास नहीं पाएगा। जिंदगी के सभी रस और संघर्ष मैं आपमें झोंक दूंगा।”

राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री की चुनौतियों पर भी की बात

क्लास के दौरान छात्रों ने रवि किशन से कई सवाल पूछे। एक छात्र ने राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में आने वाली चुनौतियों के बारे में जानना चाहा।

इस पर रवि किशन ने कहा कि दोनों ही क्षेत्र चुनौतियों से भरे हैं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि वे अपने और अपने परिवार के लिए अभिनेता बने, जबकि राजनीति में लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से आए।

इसके अलावा छात्रों ने अभिनय, कला, करियर और सफलता से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका रवि किशन ने सरल और प्रेरणादायक तरीके से जवाब दिया।

संघर्ष की कहानी सुनाकर बढ़ाया छात्रों का हौसला

रवि किशन ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति में कुछ कर दिखाने का दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी कठिनाई उसे सफलता हासिल करने से नहीं रोक सकती।

उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वे मिट्टी के घर में रहते थे, लेकिन आज जनता के प्यार और आशीर्वाद की बदौलत देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद तक पहुंचे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, संघर्ष और अपने काम के प्रति ईमानदारी को दिया।

गोरखपुर के युवाओं में बताया अपार प्रतिभा

सांसद ने छात्रों को अपनी क्षमता पर विश्वास रखने और लगातार अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के युवाओं में अपार प्रतिभा है और वे यहां के प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का भी आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय ने बताया छात्रों के लिए बड़ा अवसर

इससे पहले ललित कला विभाग की विभागाध्यक्ष एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे ने रवि किशन का स्वागत करते हुए उन्हें औपचारिक रूप से ज्वाइन कराया।

उन्होंने कहा कि रवि किशन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार का विश्वविद्यालय से जुड़ना छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है। उनके अनुभव से विद्यार्थियों को अपने करियर को नई दिशा देने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. ऊषा सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. प्रदीप राजोरिया सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। वहीं रिसर्च स्कॉलर्स शिवम कुमार गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, आदित्य कुमार वर्मा, निवेदिता यादव, प्रिंस कुमार कांडू, अमृता जायसवाल, पूजा चौधरी, शिवांगी पांडे समेत सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के लिए तीन विशेषज्ञों का चयन

डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की पहल पर छात्रों को व्यावहारिक और उद्योग आधारित ज्ञान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सत्र में तीन प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त किए गए हैं।

इनमें रवि किशन को ललित कला एवं संगीत विभाग के लिए चुना गया है। वहीं, प्रसिद्ध उद्योगपति ऐश्प्रा के निदेशक अतुल सर्राफ और चंद्र प्रकाश अग्रवाल को वाणिज्य विभाग के लिए चयनित किया गया है।

ये विशेषज्ञ समय-समय पर विश्वविद्यालय में कक्षाएं लेकर छात्रों को अपने-अपने क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव और गहन जानकारी देंगे, जिससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक कार्यक्षेत्र की समझ भी विकसित हो सकेगी।

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