ब्रिटेन ने सख्त किए वीज़ा नियम, ‘ए-लेवल’ अंग्रेज़ी बोलना अनिवार्य

ब्रिटेन की सरकार जल्द नए कड़े नियम लागू करने जा रही है, जिनके तहत कुछ प्रवासियों को देश में प्रवेश पाने के लिए अंग्रेज़ी भाषा में ‘ए-लेवल’ (उच्च माध्यमिक स्तर) की दक्षता अनिवार्य होगी।

ब्रिटेन में जॉब करने या परिवार को साथ लेकर जाने की सोच रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। ब्रिटेन ने इमिग्रेशन नियमों को कड़ा कर दिया है। इसके बाद अब यहां नौकरी, बसने या परिवार को साथ ले जाने के लिए वीजा तभी मिलेगा, जब अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ होगी। ब्रिटेन में इंग्लिश लैंग्वेज स्टैंटर्ड को बढ़ा दिया गया है। ब्रिटिश गृह मंत्रालय का कहना है कि अंग्रेजी को लेकर नया नियम इसलिए लाया गया है, ताकि विदेशी लोग आसानी से देश के माहौल में घुल-मिल पाएं।
ये बदलाव 8 जनवरी 2026 से लागू होंगे। इसका असर कुछ ग्रेजुएट आवेदकों और उन लोगों पर पड़ेगा जो ‘स्किल्ड वर्कर’ या ‘स्केल-अप’ वीज़ा के लिए आवेदन करते हैं।
सरकार ने कहा कि ये नए नियम ब्रिटेन में आव्रजन की संख्या घटाने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिसकी रूपरेखा मई में जारी श्वेत पत्र में दी गई थी। गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा, “अगर आप इस देश में आते हैं, तो आपको हमारी भाषा सीखनी होगी और समाज में अपना योगदान देना होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह देश हमेशा उन लोगों का स्वागत करता आया है जो यहां आकर योगदान देते हैं। लेकिन यह स्वीकार्य नहीं है कि प्रवासी हमारी भाषा सीखे बिना यहां आएं और हमारे राष्ट्रीय जीवन में योगदान देने में असमर्थ हों।”
नए नियम के तहत स्किल वर्कर वीजा के लिए आवेदक को B2 लेवल की प्रोफिसिएंसी हासिल करनी होगी। पहले अंग्रेजी में B1 लेवल की प्रोफिसिएंसी से काम चल जाता था। इसका मतलब है कि अब वर्कर्स को ये दिखाना होगा कि वे रोजमर्रा की बातचीत के बजाय ऑफिस में होने वाली मीटिंग, डिटेल से भरे ईमेल्स और जटिलतों भरी बातचीत को समझते हैं और उसका जवाब दे सकते हैं। कॉमन यूरोपियन फ्रेमवर्क ऑफ रेफरेंस फॉर लैंग्वेजेज (CEFR) द्वारा परिभाषित अंग्रेजी भाषा में प्रोफिसिएंसी यानी दक्षता के छह मान्यता प्राप्त लेवल हैं: A1, A2, B1, B2, C1 और C2।

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