
जंक फूड की बढ़ती खपत पर आर्थिक सर्वेक्षण ने जताई गंभीर चिंता
भारत में जंक फूड की बढ़ती खपत और बच्चों में मोटापे के बढ़ते मामलों पर आर्थिक सर्वेक्षण ने गंभीर चिंता जताई है। सर्वेक्षण ने सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक जंक फूड के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने, बच्चों को लक्षित मार्केटिंग पर रोक और खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने का सुझाव दिया है।
भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) यानी जंक फूड की बढ़ती खपत और बच्चों में मोटापे के बढ़ते मामलों पर आर्थिक सर्वेक्षण ने गंभीर चिंता जताई है। सर्वेक्षण ने सुबह से देर रात तक ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। लोकसभा में पेश प्री-बजट दस्तावेज में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड बाजारों में शामिल हो गया है, जो देश में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को बढ़ा रहा है।
सर्वेक्षण ने मौजूदा नियमों की कमजोरियों पर भी सवाल उठाए हैं। इसमें कहा गया है कि विज्ञापन कोड और सीसीपीए दिशानिर्देशों में पोषण आधारित स्पष्ट मानक नहीं हैं, जिससे कंपनियां स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे दावे करके नियमों से बच निकलती हैं।
सर्वेक्षण ने जंक फूड की बढ़ती खपत से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाने की जरूरत बताई है, ताकि देश में बढ़ते मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

