
असुरन रोड की अवैध ढंग से चल रही दुकानें खाली कराई जाएंगी
असुरन-धर्मशाला रोड स्थित नगर निगम की 34 दुकानों पर दशकों से चल रहे अवैध व्यावसायिक कब्जे को लेकर अब नगर निगम ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। शनिवार को बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अवैध रूप से कब्जा किए हुए दुकानदारों को नोटिस जारी की जाए। नोटिस में उनसे किरायेदारी से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। अभिलेख प्रस्तुत न करने की स्थिति में दुकान खाली कराए जाने की कार्रवाई क्यों न की जाए, इस पर उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। असुरन रोड पर दुकानों में 18 पक्की (आरसीसी) और 16 टीन शेड युक्त दुकानें शामिल हैं, जिनका उपयोग लंबे समय से बिना विधिवत आवंटन के किया जा रहा है।
इस कारण नगर निगम को लाखों रुपये के राजस्व की हर माह क्षति भी उठानी पड़ रही है। नगर निगम की बोर्ड की बैठक में स्थानीय पार्षद मनोज त्रिपाठी ने 13 अक्तूबर को यह मामला प्रकाश में लाया। नगर निगम को इस मामले में 22 दुकानदारों के आवेदन मिले हैं। सभी दुकानदारों ने अपने-अपने वार्षिक किराये की 05 गुना राशि सुरक्षा जमा (प्रतिभूति) के रूप में जमा कराई है और अपने मामलों के निपटारे की मांग की है। महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उप सभापति की अध्यक्षता में इस मामले के निस्तारण के लिए ‘असुरन धर्मशाला रोड दंड निर्धारण समित’ गठित किया था। शनिवार को उप सभापति पवन त्रिपाठी की अध्यक्षता में समिति के सदस्य जिलाउल इस्लाम, अजय राय, अपर नगर आयुक्त प्रथम दुर्गेश मिश्र, लेखाधिकारी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और तहसीलदार शामिल हुए। हालांकि सदस्य पार्षद मनु जायसवाल और मनोज त्रिपाठी बैठक में उपस्थित नहीं थे।

