‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ को आठ मुस्लिम देशों का समर्थन, यूरोपीय देशों ने बनाई दूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने को लेकर सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और क़तर ने एक संयुक्त बयान जारी किया है।

सऊदी अरब और सात अन्य मुस्लिम देशों ने बुधवार, 21 जनवरी को एक बयान जारी कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तथाकथित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के अपने फैसले की घोषणा की। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इसमें शामिल होने के लिए हामी भर दी है।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल है। कहा जा रहा है कि ट्रंप इसके जरिए अपना संयुक्त राष्ट्र बना रहे हैं। वैसे तो इसे मुख्य रूप से गजा में शांति स्थापित करने और वहां के पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए बनाया गया है लेकिन लॉन्ग टर्म प्लान कुछ और है। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

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