
पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को आजीवन कारावास की सज़ा
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रामअवतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एनसीपी के नेता स्व रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस अरविंद वर्मा की डिवीजन बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। सीबीआई की अपील स्वीकार करने के साथ ही हत्याकांड के प्रमुख आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री स्व अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा व एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुर्माने की राशि न पटाने पर छह महीने अतिरिक्त कठोर कारावास का आदेश दिया है। अमित जोगी को हाई कोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
इस मामले में 2007 में अमित जोगी को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सुनवाई 1 अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसमें सोमवार को सज़ा का एलान किया गया।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद वर्मा की स्पेशल डिविज़नल बेंच ने कहा, “जब सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ एक जैसे सबूत हों, तो किसी एक को बरी कर देना और बाकी को उन्हीं सबूतों के आधार पर दोषी ठहराना सही नहीं है, जब तक कि उसे छोड़ने का कोई ठोस और अलग कारण साबित न हो।”
हाईकोर्ट ने कहा, “जब सभी अभियुक्तों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो, तो किसी एक अभियुक्त के साथ जानबूझकर अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता।”

