दिल्ली में सरकार क्यों चीलों को 1270 किलो चिकन खिलाएगी

राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरो-शोरो पर शुरू हो चुकी हैं. इस खास मौके पर होने वाले भव्य एयर शो से पहले शहर के आसमान को साफ रखने के लिए एक बार फिर खास और आजमाई हुई रणनीति अपनाई जा रही है. इस बार दिल्ली वन विभाग पक्षियों को कंट्रोल करने के लिए 1,270 किलो से ज्यादा बोनलेस चिकन इस्तेमाल करेगा.
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अभ्यास हर साल 26 जनवरी से पहले भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर किया जाता है ताकि कम ऊंचाई पर उड़ने वाले फाइटर जेट्स को पक्षियों के टकराने के खतरे से बचाया जा सके. एयर शो के दौरान पक्षियों का टकराना एक गंभीर खतरा माना जाता है.
वन विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “यह गणतंत्र दिवस एयर शो से पहले किया जाने वाला एक बचाव अभियान है. चील जैसे पक्षी खुले इलाकों और खाने के चीजों की तरफ आसानी से आकर्षित होते हैं. अगर वे फ्लाइट कॉरिडोर में आ जाते हैं, तो वे विमानों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं.”
इस साल इस अभियान में एक अहम बदलाव किया गया है. पहले भैंस का मांस इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन इस बार पहली बार चिकन का इस्तेमाल किया जा रहा है.अ धिकारी ने कहा, “इस बार हमने भैंस के मांस की जगह चिकन चुना है. इसका मकसद वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट और गणतंत्र दिवस समारोह के सुचारु आयोजन के बीच बैलेंस बनाना है.”
अधिकारी के अनुसार, “हर साल पक्षियों की उड़ान और मौजूदगी के आधार पर इन जगहों का चयन किया जाता है. इन तय स्थानों पर उन्हें खाना देकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि वे एयर शो के मार्ग से दूर रहें.” इस प्रोसेस के तहत चिकन के छोटे-छोटे टुकड़े तय स्थानों पर हवा में उछाले जाते हैं, ताकि पक्षी वहीं व्यस्त रहें और जेट्स की उड़ान वाले रास्तों की ओर न जाएं. यह गतिविधि करीब दो हफ्तों तक रोजाना की जाती है.
इस पूरे ऑपरेशन के लिए दिल्ली सरकार के वन एवं वन्यजीव विभाग ने 1,275 किलो बोनलेस चिकन की सप्लाई के लिए शॉर्ट-टर्म टेंडर जारी किया है.

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